भाजपा सांसद बेहरा का कांग्रेस पर वार: 'वंदे मातरम' विवाद और भागवत के विजन पर खुलकर बोले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद डॉ. रबींद्र नारायण बेहरा ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण और 'विकसित भारत 2047' के विजन की सराहना करते हुए कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के भारत को विश्वगुरु बनाने के आह्वान को भी राष्ट्र निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण विजन बताया।
विकसित भारत 2047: 'सप्त धारा' का विजन
डॉ. बेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। उनके अनुसार, इस लक्ष्य को पाने के लिए पीएम ने 'सप्त धारा' का उल्लेख किया, जिसमें कृषि, फूड प्रोसेसिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम करने की बात शामिल है। बेहरा ने कहा कि यह विजन खासतौर पर युवा पीढ़ी और आने वाले भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक सशक्त मैन्युफैक्चरिंग राष्ट्र के रूप में विकसित करना होगा। क्रिटिकल मिनरल्स के बेहतर उपयोग को उन्होंने देश की रणनीतिक ताकत से जोड़ा।
महिला आरक्षण और युवा शक्ति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी की महिला आरक्षण पहल की प्रशंसा करते हुए डॉ. बेहरा ने कहा कि महिलाओं को निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने से देश में समानता और मजबूत होगी। उनके अनुसार, महिला शक्ति और युवा शक्ति — ये दोनों भारत की दो बड़ी ताकतें हैं, और इन्हें पर्याप्त अवसर देकर देश को विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
'वंदे मातरम' विवाद और कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम' गायन के समय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद सामने आया है। इस पर डॉ. बेहरा ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर संसद और राष्ट्रीय ध्वज का पर्याप्त सम्मान न करने के आरोप पहले से लगते रहे हैं, और अब राष्ट्रीय गीत को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं। बेहरा ने स्पष्ट किया कि जब संसद में 'वंदे मातरम' का गायन हो या राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम हों, तो सभी नेताओं को उचित सम्मान प्रदर्शित करना चाहिए। उन्होंने इस वायरल वीडियो को गंभीर विषय बताया।
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए बेहरा ने देश के विभाजन और स्वतंत्रता के दौरान हुई हिंसा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिंसा और विस्थापन का सामना करना पड़ा, और कांग्रेस ने लंबे समय तक देश के व्यापक हितों के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया और 'दिमागी नक्सल' की चेतावनी
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद भारत को विश्वगुरु और वैश्विक नेता बनाने का आह्वान किया था। डॉ. बेहरा ने इस बयान को भारत के भविष्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा विजन बताते हुए समर्थन दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'अर्बन नक्सल' और 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों के इस्तेमाल को एक गंभीर विषय की ओर इशारा बताया। बेहरा का कहना था कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को देखते हुए कुछ विदेशी और आंतरिक ताकतें देश की युवा शक्ति को विकास की दिशा से भटकाने का प्रयास कर सकती हैं — हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई विशेष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब स्वतंत्रता दिवस के आसपास राजनीतिक दलों के बीच राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर तीखी नोकझोंक हर वर्ष तेज़ होती है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संसदीय सत्र में इसकी गूंज देखी जा सकती है।