AIMPLB के बयान पर भाजपा का पलटवार: 'मुस्लिमों के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा पिछले 10 वर्षों में मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव और अत्याचार बढ़ने के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 24 जून को सिरे से खारिज कर दिया। भाजपा नेताओं ने एकस्वर में कहा कि बोर्ड का यह बयान तथ्यों से परे है और कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश है। पार्टी ने दावा किया कि सरकारी आँकड़े स्वयं इस बात की गवाही देते हैं कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ मुस्लिम समुदाय को मिल रहा है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बयान 'पूरी तरह से झूठ' है। उन्होंने कहा, 'पिछले 11 वर्षों में देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा है। आप कोई भी क्षेत्र उठाकर देख लीजिए, वहाँ विकास के कार्य होते दिखेंगे। इस प्रकार के आरोपों में कोई दम नहीं है।' खंडेलवाल ने वंदे मातरम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की आत्मा है और इसे गाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास के तथ्य-आधारित तर्क
भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा कि उन्होंने बोर्ड के प्रतिनिधि एस. क्यू. आर. इलियास का बयान सुना और वे यह जानकर अचंभित हैं कि एक विद्वान व्यक्ति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने स्मरण दिलाया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 1973 में एक एनजीओ के रूप में कांग्रेस के सहयोग से स्थापित हुआ था।
श्रीनिवास ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति का 77.82 प्रतिशत लाभ मुस्लिम समुदाय को मिलता है, फेलोशिप का 71.50 प्रतिशत हिस्सा मुस्लिम छात्रों को जाता है और डीएफसी लैंडिंग का 78.13 प्रतिशत लाभ भी इसी समुदाय को मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन या रेलवे भूमि पर अवैध निर्माण — चाहे वह किसी भी समुदाय का हो — पर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है, न कि सांप्रदायिक आधार पर।
भाजपा प्रवक्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि AIMPLB के बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की आवाज़ सुनाई देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कुछ दिन पहले भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। पूनावाला ने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) और वंदे मातरम का विरोध वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित है। उनके अनुसार, 'UCC संविधान का हिस्सा है और महिला सशक्तीकरण के लिए आवश्यक है।'
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पूरी दुनिया में मुस्लिम समुदाय के लोग जहाँ सबसे अच्छी स्थिति में हैं, वह भारत है। उन्होंने कहा, 'भारत के मुस्लिमों के लिए भारत से अच्छा देश, हिंदू से अच्छा दोस्त और मोदी से अच्छा प्रधानमंत्री कभी नहीं मिलेगा।' हुसैन ने यह भी कहा कि भारत का संविधान सभी को समान दर्जा देता है और देश के बंटवारे के समय भी भारत ने अपनी धर्मनिरपेक्ष पहचान बनाए रखी।
AIMPLB के मूल आरोप क्या थे
गौरतलब है कि AIMPLB ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि पिछले 10 वर्षों में मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव और अत्याचार बढ़े हैं, मस्जिदों और मदरसों को अवैध तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है, और मुस्लिम समुदाय को महज वोट बैंक समझा जाता है। भाजपा ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब समान नागरिक संहिता (UCC) और मदरसा नियमन जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में हैं। भाजपा नेताओं ने AIMPLB से आग्रह किया है कि वह 'तर्कों के साथ' सामने आए और 'विक्टिम कार्ड' खेलने से बचे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार यह बयानबाज़ी आगामी चुनावी मौसम में और तेज़ होने की संभावना है।