भाजपा मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैला रही है : कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 23 जून को नई दिल्ली में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले 12 वर्षों से मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने की राजनीति कर रही है। उनका यह बयान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास की एक टिप्पणी के संदर्भ में आया।
मुख्य आरोप
अल्वी ने आरोप लगाया कि BJP सरकारों के कार्यकाल में मस्जिदें तोड़ी जा रही हैं, मदरसों पर पाबंदियाँ लगाई जा रही हैं और उनके पंजीकरण पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 साल के दौरान मुसलमानों के कब्रिस्तानों और मस्जिदों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मुख्यमंत्रियों को आगे बढ़ाया जा रहा है जो 'नफरत फैलाने का काम करते हैं और मुसलमानों के खिलाफ जहरीले बयान देते हैं।' अल्वी के अनुसार, BJP के लिए वक्फ, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), तीन तलाक, मस्जिद और कब्रिस्तान जैसे मुद्दे प्राथमिकता में हैं, जबकि भूख, बेरोज़गारी और महँगाई जैसे असली सवाल उनके एजेंडे से बाहर हैं।
अधिकारों के हनन का दावा
जब अल्वी से पूछा गया कि क्या वह इसे मुस्लिम समाज के अधिकारों का हनन मानते हैं, तो उन्होंने कहा कि 'इससे बड़ा अधिकारों का हनन और क्या हो सकता है।' उनका कहना था कि मुसलमानों के बीच डर और खौफ का माहौल पैदा किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि लोगों को सड़कों पर नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है। अल्वी ने कहा कि मुरादाबाद और संभल से जो खबरें उनके पास आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं।
BJP पर सीधा निशाना
अल्वी का आरोप है कि BJP संगठन के निचले स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक, सभी इन मुद्दों को लेकर देश में नफरत फैलाने में सक्रिय हैं। उनके अनुसार, पार्टी को लगता है कि मुसलमानों पर राजनीतिक हमला करके और उनके खिलाफ नफरत फैलाकर सत्ता हासिल की जा सकती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब AIMPLB और सरकार के बीच वक्फ संशोधन विधेयक तथा अन्य मुद्दों पर तनाव चल रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राष्ट्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण को और गहरा करते हैं, जबकि BJP इन आरोपों को बेबुनियाद बताती रही है। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।