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भाजपा की राजनीति मुसलमानों के विरोध पर टिकी है: नसीम सिद्दीकी का तीखा हमला

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भाजपा की राजनीति मुसलमानों के विरोध पर टिकी है: नसीम सिद्दीकी का तीखा हमला

सारांश

NCP (SP) प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की पूरी राजनीति मुसलमानों के विरोध पर टिकी है। साथ ही UP में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों के रद्द पंजीकरण को 'सरकारी हड़पने की कोशिश' बताया।

मुख्य बातें

NCP (SP) प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 23 मई को कहा कि भाजपा की राजनीतिक नींव मुसलमानों के विरोध पर टिकी है।
कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय की PM मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद यह विवाद उभरा।
सिद्दीकी ने असंसदीय भाषा की निंदा की, लेकिन इसकी शुरुआत भाजपा से बताई।
उत्तर प्रदेश में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द होने पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी के सार्वजनिक नमाज पर रुख को एकतरफा बताया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 23 मई को मुंबई में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पूरी राजनीतिक नींव मुसलमानों के विरोध पर टिकी है और यदि पार्टी यह विरोध बंद कर दे, तो उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। यह बयान कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में आया है।

असंसदीय भाषा पर सिद्दीकी का रुख

सिद्दीकी ने स्वीकार किया कि राजनीति में असंसदीय भाषा का प्रयोग उचित नहीं है और सभी दलों को इससे बचना चाहिए। उन्होंने कहा, "राजनीति में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह कोई अच्छी बात नहीं है और सभी को इससे बचना चाहिए।" हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस चलन की जड़ें भाजपा में हैं और संसद में भी भाजपा सांसद ऐसे शब्दों का प्रयोग कर चुके हैं।

भाजपा पर सीधा आरोप

सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, उसने इस संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उनके अनुसार, "भाजपा की पूरी राजनीतिक नींव मुसलमानों का विरोध करने पर टिकी है। जिस दिन भाजपा मुसलमानों का विरोध करना, कुरान के खिलाफ, इस्लाम के खिलाफ और मस्जिदों के खिलाफ बोलना बंद कर देगी, उस दिन भाजपा का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कदम वास्तव में मुसलमानों की तरक्की का रास्ता खोल रहे हैं।

सड़क पर नमाज और धामी के रुख पर प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर आपत्ति जताए जाने के संदर्भ में सिद्दीकी ने कहा कि नमाज एक धार्मिक प्रार्थना है और भीड़भाड़ या जगह की कमी की स्थिति में लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियाँ करनी पड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भी लोग सड़कों पर एकत्र होते हैं, इसलिए इसे एकतरफा तरीके से गलत नहीं ठहराया जा सकता।

वक्फ संपत्तियों पर सरकार की नीयत पर सवाल

उत्तर प्रदेश में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किए जाने के मामले पर सिद्दीकी ने कहा कि सरकार की नजरें लंबे समय से वक्फ संपत्तियों पर टिकी हैं। उनके अनुसार, "एक बार किसी संपत्ति को वक्फ घोषित कर दिया जाए तो उसे बदला नहीं जा सकता। वक्फ का मतलब है कि कोई व्यक्ति या संस्था अपनी संपत्ति ईश्वर के नाम पर या समाज के लिए समर्पित कर देता है। सरकार उसे हथियाना चाहती है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है।

राजनीतिक माहौल और आगे की राह

गौरतलब है कि अजय राय की टिप्पणी के बाद से विपक्षी दलों के बीच भाजपा की भाषा और राजनीतिक शैली पर बहस छिड़ी हुई है। सिद्दीकी का यह बयान उस बहस में एक नई परत जोड़ता है, जहाँ एक तरफ असंसदीय भाषा की निंदा है और दूसरी तरफ अल्पसंख्यक मुद्दों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है, खासकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चुनावी राजनीति के संदर्भ में।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुविधाजनक दोहरापन है जो असली मुद्दे — राजनीतिक विमर्श के गिरते स्तर — से ध्यान भटकाता है। वक्फ संपत्तियों पर सिद्दीकी की चिंता वैध है, लेकिन इसे 'सरकारी हड़पने' तक सीमित करना उस जटिल कानूनी और प्रशासनिक बहस को नजरअंदाज करता है जो वक्फ संशोधन के इर्द-गिर्द चल रही है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि इस पूरी बहस में किसी भी पक्ष ने ठोस संवैधानिक या कानूनी तर्क नहीं दिए — यह बयानबाजी की लड़ाई है, नीतिगत बहस नहीं।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीम सिद्दीकी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
NCP (SP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा की पूरी राजनीतिक नींव मुसलमानों के विरोध पर टिकी है और यदि पार्टी यह विरोध बंद कर दे तो उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि असंसदीय भाषा की संस्कृति भाजपा ने ही शुरू की।
यह विवाद किस घटना के बाद शुरू हुआ?
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के बाद यह राजनीतिक विवाद उभरा। इसी संदर्भ में सिद्दीकी ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण रद्द होने पर सिद्दीकी ने क्या कहा?
सिद्दीकी ने UP में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किए जाने को सरकार की 'संपत्ति हथियाने की कोशिश' बताया। उनके अनुसार, एक बार वक्फ घोषित संपत्ति को कानूनी रूप से बदला नहीं जा सकता।
सार्वजनिक स्थानों पर नमाज के मुद्दे पर सिद्दीकी का क्या कहना है?
सिद्दीकी ने कहा कि भीड़भाड़ या जगह की कमी के कारण लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़नी पड़ती है, यह उनकी इच्छा नहीं बल्कि परिस्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी लोग सड़कों पर एकत्र होते हैं।
NCP (SP) क्या है और नसीम सिद्दीकी कौन हैं?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) — जिसे NCP (SP) कहा जाता है — महाराष्ट्र की प्रमुख विपक्षी पार्टियों में से एक है। नसीम सिद्दीकी इस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और अल्पसंख्यक मुद्दों पर मुखर रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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