नेहरू-मोदी तुलना पर कांग्रेस का पलटवार: नसीम खान बोले, 'दोनों में जमीन-आसमान का फर्क'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता नसीम खान ने 11 जून 2026 को मुंबई में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि दोनों नेताओं के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर नेहरू की विरासत को अनुचित तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया।
नेहरू की विरासत पर कांग्रेस का पक्ष
नसीम खान ने कहा, 'नेहरू ने आज़ादी के बाद इस देश को खड़ा किया। दुनिया के नक्शे पर भारत की पहचान बनाने का काम यदि किसी ने किया है, तो वह पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं। उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेता के बारे में भाजपा जिस तरह से बात कर रही है, वह बेहद अनुचित है।
यह ऐसे समय में आया है जब नेहरू की विरासत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। गौरतलब है कि नेहरू की आलोचना और उनकी तुलना वर्तमान नेताओं से करना भाजपा की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा रहा है, जिसका कांग्रेस हर बार प्रतिवाद करती आई है।
भाजपा पर शासन-क्षमता के आरोप
नसीम खान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'भाजपा के पास न कोई नीति है, न देश चलाने की क्षमता रखने वाला कोई नेता है और न ही कोई ठोस सोच है। इसी कारण उनकी नीतियों से देश बर्बादी की राह पर जा रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अधिकारियों पर दबाव डालकर उनसे पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह काम करवा रही है।
उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के निर्णयों पर भी सवाल उठाए और कहा कि जहाँ शिकायतें सही थीं, वहाँ निर्णय गलत लिए गए और जहाँ गलतियाँ थीं, उन्हें पास किया गया। कांग्रेस के अनुसार, यह स्वायत्त संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव का स्पष्ट संकेत है।
महाराष्ट्र SIR प्रक्रिया पर चिंताएँ
नसीम खान ने महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कमियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें कई त्रुटियाँ सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि धारावी जैसे पुनर्विकास परियोजनाओं में लाखों लोगों का अस्थायी पुनर्वास हो रहा है, ऐसे में उनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए।
उन्होंने माँग की कि SIR प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाई जाए ताकि किसी भी नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित न हो।
सांसद वर्षा गायकवाड़ का समर्थन
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी नेहरू की तुलना मोदी से किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति और श्वेत क्रांति का विज़न नेहरू का था, और नेहरू एक विज़नरी नेता थे जिन्होंने भारत को औद्योगिक एवं आधुनिक दिशा दी।
मुंबई में निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद गायकवाड़ ने बताया कि SIR मैपिंग की प्रक्रिया कई क्षेत्रों में अधूरी है — कुछ जगह 50% तो कुछ जगह 60% काम ही हुआ है। उन्होंने बारिश के मौसम और बड़े पैमाने पर लोगों के बाहर जाने की स्थिति को देखते हुए प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाने की माँग की।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया में सुधार की माँग जारी रखेगी और नेहरू की विरासत पर भाजपा के हमलों का राजनीतिक जवाब देती रहेगी। नेहरू-मोदी तुलना की यह बहस आने वाले चुनावी मौसम में और तीखी होने की संभावना है।