10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आदिवासी भूमि, अधिकार और सुरक्षा पर जीतू पटवारी का BJP सरकार पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आदिवासी भूमि, अधिकार और सुरक्षा पर जीतू पटवारी का BJP सरकार पर तीखा हमला

सारांश

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने BJP सरकार पर विधानसभा के आँकड़ों के हवाले से 1.26 लाख हेक्टेयर आदिवासी भूमि हस्तांतरण, 1.53 लाख बैकलॉग पद रिक्त और पौने दो लाख आदिवासी महिलाओं के लापता होने के गंभीर आरोप लगाए — और सत्ता में आने पर निष्पक्ष जाँच का वादा किया।

मुख्य बातें

कांग्रेस MP अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 19 जून को भोपाल में BJP सरकार पर आदिवासी अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
विधानसभा आँकड़ों के अनुसार पिछले वर्षों में 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हुआ।
SC/ST वर्ग के लिए आरक्षित 1 लाख 53 हजार बैकलॉग पद वर्षों से रिक्त हैं।
विधानसभा आँकड़ों के अनुसार प्रदेश से पौने दो लाख आदिवासी महिलाएँ लापता या मानव तस्करी का शिकार।
NCRB के अनुसार आदिवासी अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में।
तबादला घोटाला कथित तौर पर ₹200 करोड़ से बढ़कर ₹500 करोड़ तक पहुँचा।

भोपाल में 19 जून को कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को व्यवस्थित रूप से कुचलने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने भूमि हस्तांतरण, शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा और वन अधिकारों से जुड़े आँकड़े पेश करते हुए सरकार की नीतियों पर सीधा सवाल उठाया।

आदिवासी भूमि हस्तांतरण का मामला

पटवारी ने कहा कि कानून स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करता है कि गैर-आदिवासी व्यक्ति बिना सक्षम सरकारी अनुमति के आदिवासी भूमि नहीं खरीद सकते। इसके बावजूद, उन्होंने विधानसभा में प्रस्तुत आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हो चुका है। उनके अनुसार, जल, जंगल और जमीन के वास्तविक संरक्षक आदिवासी हैं, लेकिन सरकार विकास के नाम पर वनों का विनाश कर रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लागू किए गए वन अधिकार अधिनियम का मध्य प्रदेश में खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और आदिवासियों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

शिक्षा और रोजगार में भ्रष्टाचार के आरोप

पटवारी ने कहा कि आदिवासी छात्रों के लिए संचालित शिक्षा योजनाओं में भारी अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने माँग की कि आदिवासी बच्चों को प्राथमिक से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा तक पूरी तरह निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

रोजगार के मोर्चे पर पटवारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित लगभग 1 लाख 53 हजार बैकलॉग पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। उनके अनुसार सरकार जानबूझकर इन पदों को नहीं भर रही, जिससे हजारों योग्य युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता

पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश से लगभग पौने दो लाख आदिवासी महिलाएँ और युवतियाँ लापता हुई हैं या मानव तस्करी का शिकार बनी हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार 'लाड़ली बहना' योजना का प्रचार करती है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 53 लाख आदिवासी निवास करते हैं, जो राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं।

तबादला घोटाले का आरोप

पटवारी ने सरकार पर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तबादला उद्योग चलाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, जिस घोटाले को पहले ₹200 करोड़ का माना जा रहा था, वह अब ₹500 करोड़ के कारोबार में बदल चुका है।

कांग्रेस का वादा और आगे की राह

पटवारी ने ऐलान किया कि कांग्रेस सरकार बनने पर आदिवासी भूमि सौदों, विस्थापन, वन अधिकारों के उल्लंघन, बैकलॉग भर्ती, महिलाओं की सुरक्षा और तबादला घोटालों की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उन्हें महज राजनीतिक बयानबाजी से अलग करते हैं — लेकिन यह भी सच है कि ये आँकड़े स्वयं सरकारी स्रोतों से हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मध्य प्रदेश में आदिवासी भूमि हस्तांतरण की समस्या नई नहीं है — यह कांग्रेस और BJP दोनों के कार्यकालों में जारी रही है, जो इस मुद्दे की संरचनात्मक गहराई को दर्शाता है। 1.53 लाख बैकलॉग पदों का वर्षों से रिक्त रहना संवैधानिक आरक्षण की मूल भावना पर सवाल खड़ा करता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या कांग्रेस इन मुद्दों को चुनावी एजेंडे से आगे ले जाकर ठोस विधायी प्रस्तावों में बदल पाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू पटवारी ने आदिवासी भूमि हस्तांतरण पर क्या आरोप लगाए?
पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत आँकड़ों के हवाले से कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले वर्षों में 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर से अधिक आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हुआ है, जबकि कानून गैर-आदिवासियों को बिना अनुमति आदिवासी भूमि खरीदने से रोकता है।
मध्य प्रदेश में SC/ST बैकलॉग पदों की स्थिति क्या है?
पटवारी के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित लगभग 1 लाख 53 हजार बैकलॉग पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर इन पदों को नहीं भर रही, जिससे हजारों योग्य युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या आँकड़े सामने आए हैं?
पटवारी ने विधानसभा के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश से लगभग पौने दो लाख आदिवासी महिलाएँ और युवतियाँ लापता हुई हैं या मानव तस्करी का शिकार बनी हैं। NCRB के आँकड़े भी बताते हैं कि आदिवासी अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में है।
वन अधिकार अधिनियम के उल्लंघन पर क्या आरोप हैं?
पटवारी ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लागू वन अधिकार अधिनियम का मध्य प्रदेश में खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उनके अनुसार सरकार विकास के नाम पर वनों का विनाश कर रही है और आदिवासियों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
कांग्रेस ने सत्ता में आने पर क्या वादे किए हैं?
पटवारी ने ऐलान किया कि कांग्रेस सरकार बनने पर आदिवासी भूमि सौदों, विस्थापन, वन अधिकार उल्लंघन, बैकलॉग भर्ती, महिला सुरक्षा और तबादला घोटालों की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले