बिदादी किसान आंदोलन: गणेश प्रतिमा हटाने पर BJP ने कर्नाटक सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस द्वारा बिदादी-हारोहल्ली मुख्य सड़क पर किसान आंदोलन स्थल से गणेश प्रतिमा हटाए जाने के बाद राज्य में तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार पर किसानों की जायज माँगों और हिंदू धार्मिक भावनाओं — दोनों की एक साथ अनदेखी करने का आरोप लगाया है। यह घटना 26 सितंबर 2026 को सामने आई, जब प्रस्तावित 'ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप' परियोजना का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का विरोध कर रहे किसान 21 सितंबर से बैरामंगला के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन स्थल पर गणेश प्रतिमा स्थापित की थी, जहाँ प्रतिदिन पूजा-अर्चना की जा रही थी।
जब प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर, बैलगाड़ियों और अन्य वाहनों की मदद से बिदादी-हारोहल्ली मुख्य सड़क अवरुद्ध कर दी, तो पुलिस ने हस्तक्षेप किया। सड़क खाली कराने के अभियान के दौरान पुलिस ने प्रतिमा को हटा दिया और अन्य अवरोधों को भी साफ किया। रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में महिला किसानों सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
BJP की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को प्रतिमा हटाने के बजाय किसानों की जायज माँगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए था।
अशोक ने कहा, 'जहाँ किसान अपनी जायज माँगों के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं, वहाँ स्थापित गणेश प्रतिमा को हटाना किसानों की भावनाओं और हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों को आहत करने वाला है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास प्रतिमा हटाने का समय था, लेकिन वह किसानों की शिकायतों का समाधान करने में विफल रही।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले प्रशासन की आलोचना करते हुए अशोक ने माँग की कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत करे, धार्मिक रीति-रिवाजों का सम्मान करे और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी चिंताओं का तुरंत समाधान करे।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में पुलिस द्वारा गणेश प्रतिमा से जुड़ी कार्रवाई पर राजनीतिक विवाद उठा हो। इस घटना ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यकाल की एक पुरानी घटना की यादें ताज़ा कर दी हैं, जब पुलिस द्वारा गणेश प्रतिमा जब्त करने और उसे पुलिस वाहन में रखने की तस्वीरें वायरल होने के बाद व्यापक आलोचना हुई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है और राज्य में अगले चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं। गौरतलब है कि बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ किसानों का असंतोष पिछले कई हफ्तों से बढ़ रहा है।
किसानों की मूल माँगें और आगे की राह
किसान प्रस्तावित 'ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप' परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँग है कि सरकार जमीन अधिग्रहण से पहले उनसे सीधी बातचीत करे और उचित मुआवजे की गारंटी दे।
BJP ने सरकार से तुरंत बिदादी के किसानों की माँगें सुनने और न्याय देने की माँग की है। फिलहाल कर्नाटक सरकार की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक गर्माहट ला सकता है।