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यूपी 2027 चुनाव की तैयारी: भाजपा ने 6 क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किए, एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला को मुख्यालय की कमान

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यूपी 2027 चुनाव की तैयारी: भाजपा ने 6 क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किए, एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला को मुख्यालय की कमान

सारांश

2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यूपी में बड़ा संगठनात्मक पुनर्गठन किया — 6 क्षेत्रीय प्रभारी, 7 मोर्चा प्रभारी और एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला को मुख्यालय की कमान। यह कदम पार्टी की जमीनी पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 8 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश संगठन का व्यापक पुनर्गठन किया, 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए।
प्रदेश को 6 क्षेत्रों में बाँटकर वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया गया — पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर।
7 मोर्चों — युवा, पिछड़ा, अनुसूचित, महिला, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और किसान — के लिए नए प्रभारी नियुक्त।
एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला को मुख्यालय प्रभारी और यतेन्द्र शर्मा को मीडिया प्रभारी बनाया गया।
ब्रज बहादुर विस्तारक योजना के संयोजक, अर्चना मिश्रा 'मन की बात' की संयोजक नियुक्त।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 8 अगस्त 2026 को संगठन का व्यापक पुनर्गठन किया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी सूची में 6 क्षेत्रीय प्रभारी, 7 मोर्चा प्रभारी और मुख्यालय तथा मीडिया प्रबंधन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियाँ तय की गई हैं।

क्षेत्रीय संगठन का नया ढाँचा

भाजपा ने उत्तर प्रदेश को 6 क्षेत्रों में विभाजित कर वरिष्ठ नेताओं को कमान सौंपी है। पश्चिम क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान को, ब्रज क्षेत्र की प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य को और कानपुर क्षेत्र की प्रदेश महामंत्री शंकर लोधी को दी गई है।

अवध क्षेत्र के प्रभारी प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, काशी क्षेत्र के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह और गोरखपुर क्षेत्र के प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा को बनाया गया है। गौरतलब है कि यह क्षेत्रीय विभाजन 2022 के चुनाव अभियान के दौरान अपनाई गई रणनीति की ही अगली कड़ी है।

सात मोर्चों पर नए प्रभारी

संगठन ने सामाजिक और वर्गीय आधार पर सात मोर्चों के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए हैं। युवा मोर्चा की कमान प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी, पिछड़ा मोर्चा की प्रदेश महामंत्री संजय राय और अनुसूचित मोर्चा की डॉ. धर्मेंद्र सिंह को सौंपी गई है।

महिला मोर्चा के प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, अनुसूचित जनजाति मोर्चा की डॉ. प्रियंका रावत, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी और किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरी को बनाया गया है। यह व्यापक सामाजिक охват भाजपा की 'सबका साथ' रणनीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश है।

मुख्यालय और मीडिया प्रबंधन

संगठन के मुख्यालय स्तर पर एमएलसी एवं पूर्व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को मुख्यालय प्रभारी की अहम जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया और जनसंपर्क की बागडोर प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा के हाथों में सौंपी गई है।

इसके अतिरिक्त प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर को विस्तारक योजना का संयोजक, प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना मिश्रा को 'मन की बात' का संयोजक और प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि को 'मन की बात' का सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।

चुनावी संदर्भ और रणनीतिक महत्व

यह पुनर्गठन ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में लगभग डेढ़ साल से भी कम का समय बचा है। भाजपा पिछले दो चुनावों में प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटी है और इस बार भी संगठनात्मक मजबूती को अपनी प्राथमिकता बना रही है। विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के गठजोड़ की चुनौती को देखते हुए भाजपा का यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन प्रभारियों की सक्रियता ही बताएगी कि जमीनी संगठन कितना चुस्त-दुरुस्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पिछड़ा, अनुसूचित और अल्पसंख्यक मोर्चे वे वर्ग हैं जहाँ समाजवादी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। हालाँकि, असली परीक्षा इस बात की होगी कि ये नियुक्तियाँ महज कागजी बदलाव हैं या जमीनी सक्रियता में तब्दील होती हैं — क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को उम्मीद से कम सीटें मिली थीं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने यूपी में कितने क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किए हैं?
भाजपा ने उत्तर प्रदेश को 6 क्षेत्रों में बाँटकर अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी बनाया है — पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर। यह सूची प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 8 अगस्त 2026 को जारी की।
एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला को क्या जिम्मेदारी दी गई है?
एमएलसी एवं पूर्व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह पद संगठन के केंद्रीय समन्वय और दिन-प्रतिदिन के प्रशासन के लिहाज से अहम माना जाता है।
भाजपा ने यूपी में यह संगठनात्मक बदलाव अभी क्यों किया?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लगभग डेढ़ साल से कम का समय बचा है और भाजपा अपनी जमीनी संगठनात्मक मशीनरी को समय रहते मजबूत करना चाहती है। 2024 के लोकसभा चुनाव के अनुभव के बाद पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक समन्वय की जरूरत महसूस की।
भाजपा के किन मोर्चों के लिए नए प्रभारी नियुक्त हुए हैं?
भाजपा ने सात मोर्चों — युवा, पिछड़ा, अनुसूचित, महिला, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और किसान मोर्चा — के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए हैं। इन मोर्चों के जरिये पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों तक अपनी पहुँच सुनिश्चित करती है।
'मन की बात' कार्यक्रम के संयोजक कौन बनाए गए हैं?
प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना मिश्रा को 'मन की बात' का संयोजक और प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। यह कार्यक्रम भाजपा के जनसंपर्क अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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