SIR विरोध पर बोम्मई का पलटवार: राहुल-प्रियंका का विरोध कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद छुपाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बसवराज बोम्मई ने 6 अक्टूबर 2026 को धारवाड़ में आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ चलाया जा रहा विरोध अभियान, दरअसल कांग्रेस की आंतरिक कमज़ोरियों और पार्टी के भीतर उभर रहे असंतोष से जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति है। बोम्मई ने साफ कहा कि इस विरोध से कांग्रेस को राजनीतिक रूप से कोई लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्य आरोप और संदर्भ
बोम्मई धारवाड़ में वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से BJP उम्मीदवार एसवी संकानूर के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी भवन के समीप राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन — जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की गई — कांग्रेस की एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का अंग है।
बोम्मई के अनुसार, SIR प्रक्रिया को विवादास्पद बनाकर कांग्रेस नेतृत्व अपने संगठनात्मक संकट और पार्टी के भीतर उठ रही असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध वास्तविक चुनावी चिंता से नहीं, बल्कि आंतरिक दबाव प्रबंधन से प्रेरित है।
चुनाव आयोग पर निशाना साधने की आलोचना
बोम्मई ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनुचित दबाव बताया। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद का निपटारा तथ्यों, संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर ही होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में अंतिम और निर्णायक फैसला देगा।
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच टकराव पहले से जारी है, और यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।
कांग्रेस पर संगठनात्मक कमज़ोरी का आरोप
BJP नेता ने यह भी कहा कि पार्टी संगठन की जड़ों को मज़बूत करने की बजाय कांग्रेस नेतृत्व बाहरी मुद्दों को राजनीतिक हथियार बना रहा है। उनके अनुसार, इस तरह के अभियान कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों को अस्थायी रूप से दबाने का काम करते हैं, लेकिन दीर्घकालिक रूप से पार्टी को कमज़ोर ही करते हैं।
आगे क्या
SIR विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख निर्णायक होगा। बोम्मई ने स्पष्ट किया कि BJP इस मुद्दे को न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया के दायरे में ही देखती है। वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बनने की संभावना है।