विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक संपन्न, मांडविया ने युवाओं को विकास का सक्रिय भागीदार बताया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों की बैठक 22 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के युवा कार्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एकजुट हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ और समावेशी विकास में युवाओं की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना था।
बैठक की पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह बैठक 19 और 20 अगस्त 2026 को गांधीनगर, गुजरात में आयोजित ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक के बाद युवा-केंद्रित गतिविधियों के समापन कार्यक्रम के रूप में हुई। इन पूर्व आयोजनों में प्राप्त सिफारिशों और विचारों ने मंत्री-स्तरीय चर्चाओं के लिए ठोस आधार तैयार किया। भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की मुख्य थीम — 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' — के अनुरूप इन सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई थी।
मांडविया का संबोधन: विजन 2047 और 'माय भारत' प्लेटफॉर्म
डॉ. मांडविया ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमने 2047 के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। प्रधानमंत्री ने इस विजन को साकार करने की दिशा में बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले 1,00,000 युवा नेता तैयार करने का आह्वान किया है।' उन्होंने 'माय भारत' प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वयंसेवा, सीखने, नेतृत्व और नागरिक भागीदारी के इस वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म पर अब तक 2.5 करोड़ से अधिक युवा पंजीकरण करा चुके हैं।
मांडविया ने युवा नीति पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा, 'हम युवाओं की भागीदारी से आगे बढ़कर युवाओं के साथ साझेदारी की ओर बढ़ें — विचार-विमर्श से आगे बढ़कर मिलकर कुछ नया बनाने की ओर, युवाओं के लिए कार्यक्रम बनाने से आगे बढ़कर युवाओं के साथ मिलकर मंच तैयार करने की ओर।' यह बयान ब्रिक्स के भीतर युवा-नीति की सोच में बदलाव का संकेत देता है।
संयुक्त वक्तव्य: साझा प्रतिबद्धताएँ
बैठक का प्रमुख परिणाम ब्रिक्स युवा कार्य मंत्रियों के संयुक्त वक्तव्य को अपनाना रहा। इस वक्तव्य में शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास; युवा उद्यमिता; विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार; सामाजिक व सांस्कृतिक भागीदारी; समाज सेवा और स्वयंसेवा; विकास, गरीबी, भुखमरी और असमानताओं से निपटना; स्वास्थ्य, युवा और खेल; युवा, पर्यावरण और स्थिरता; अंतर-धार्मिक युवा संवाद; तथा युवा आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय बैठकें
बैठक के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें प्रत्येक प्रतिनिधि ने अपनी माता के सम्मान में एक पौधा रोपा। प्रतिनिधियों ने विशाखापत्तनम के निकट स्थित ऐतिहासिक तोतलाकोंडा बौद्ध मठ का भी भ्रमण किया, जिससे भारत की सभ्यतागत विरासत और शांति की परंपराओं से परिचय हुआ।
डॉ. मांडविया ने बैठक के अवसर पर दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन चर्चाओं में कौशल विकास, युवा उद्यमिता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया गया। युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे और युवा कार्यक्रम विभाग के सचिव सुनील पालीवाल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
आगे की राह
भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के समापन की ओर बढ़ते हुए, इन वार्ताओं के परिणाम ब्रिक्स देशों के बीच निरंतर युवा सहयोग के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। आदान-प्रदान कार्यक्रमों, क्षमता-निर्माण पहलों और संस्थागत ढाँचों के जरिए घनिष्ठ सहयोग के रास्ते खुले हैं, और ब्रिक्स देशों ने युवाओं को भविष्य के निर्माता के रूप में मान्यता देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।