ब्रिक्स 2026: विशाखापत्तनम में 11 देशों के युवा व खेल मंत्रियों का महामंथन, थोटलकोंडा बौद्ध स्थल पर पौधरोपण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में 22 और 23 अगस्त 2026 को ब्रिक्स युवा मंत्रियों और खेल मंत्रियों की दो अहम बैठकें आयोजित हो रही हैं। 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत भारत द्वारा आयोजित इन बैठकों में ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख भाग ले रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
औपचारिक बैठकों से पहले 22 अगस्त की सुबह प्रतिनिधिमंडलों ने बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित थोटलकोंडा के प्राचीन बौद्ध विरासत स्थल का भ्रमण किया। इस अवसर पर एक पौधरोपण अभियान भी आयोजित किया गया, जिसने विदेशी प्रतिनिधियों को आंध्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया।
बैठकों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि शामिल हैं। युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी इन बैठकों में उपस्थित हैं। वरिष्ठ अधिकारियों में युवा मामलों के सचिव सुनील पालीवाल और खेल सचिव हरि रंजन राव भी इन आयोजनों से जुड़े हैं।
युवा मंत्रियों की बैठक: एजेंडा और अपेक्षित परिणाम
22 अगस्त को आयोजित युवा मंत्रियों की बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच युवा विकास और सशक्तीकरण के क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करना है। इस दौरान शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, युवा कल्याण और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हो रही है।
गौरतलब है कि इस बैठक में गांधीनगर में पहले आयोजित ब्रिक्स यूथ काउंसिल बैठक और ब्रिक्स यूथ समिट की सिफारिशों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक के समापन पर ब्रिक्स युवा मंत्रिस्तरीय संयुक्त घोषणा-पत्र और ब्रिक्स युवा सहयोग ढाँचे को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
खेल मंत्रियों की बैठक: पारंपरिक खेलों पर विशेष जोर
23 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में खेल क्षेत्र में आपसी सहयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा। इस बैठक में पारंपरिक और स्वदेशी खेलों, खेल प्रौद्योगिकी, खेल उपकरण निर्माण और नवाचार जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे और बैठक का समापन ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणा-पत्र को अपनाने के साथ होगा।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 का विषय 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' — अर्थात लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण — है। यह विषय लोगों को केंद्र में रखने और मानवता को प्राथमिकता देने की सोच को रेखांकित करता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय वार्ता
दो दिवसीय कार्यक्रम में औपचारिक बैठकों के अलावा बीच रोड पर ब्रिक्स मैत्री साइक्लिंग कार्यक्रम, आंध्र प्रदेश की परंपराओं को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय बैठकें भी शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है। यह बैठक ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप में भारत की बहुपक्षीय कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।