ब्रिक्स समिट 2026 पर दिलीप घोष: 'भारत-रूस-चीन सहयोग से कम होगा वैश्विक तनाव'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 13 सितंबर 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ब्रिक्स समिट 2026 के संदर्भ में भारत, रूस और चीन के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक शांति और आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, एशिया के इन तीन प्रमुख देशों का मिलकर काम करना न केवल इन देशों बल्कि पूरी दुनिया की तरक्की के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
घोष ने कहा कि दुनिया में एक नया भू-राजनीतिक समीकरण आकार ले रहा है और भारत इस बदलाव में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत दुनिया को शांति और समृद्धि का मार्ग दिखाने में सक्षम है। घोष के अनुसार, रूस, चीन और भारत के बीच सहयोग में वृद्धि से वैश्विक स्तर पर कई गंभीर समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकती है।
आपसी संवाद और सहयोग की ज़रूरत
मंत्री ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सभी पक्षों ने यह अनुभव किया है कि आपसी संवाद और सहयोग ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है। उन्होंने इस बदलते समीकरण को दुनिया के व्यापक हित में बताया। गौरतलब है कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी 'वसुधैव कुटुम्बकम' की नीति के अनुरूप मानी जाती है।
मुख्यमंत्रियों के डिनर पर प्रतिक्रिया
घोष ने प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों के डिनर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री भी अन्य मुख्यमंत्रियों के साथ इस डिनर में शामिल हुईं। उनके अनुसार, यह पूरे देश के लिए एक संदेश है कि देश के सभी हिस्से एक परिवार की भावना से मिलकर काम कर रहे हैं।
आर्थिक विकास और राज्य की राजनीति
देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि जीडीपी में वृद्धि का सकारात्मक असर उद्योग से लेकर खेल तक विभिन्न क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधा और कहा कि दुर्गा पूजा शुरू होने तक जनता टीएमसी का राजनीतिक नाटक देख सकती है, लेकिन जनता अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ खड़ी है और उसे पता है कि उसके हित में कौन काम करेगा।
सुरक्षा का माहौल बेहतर होने का दावा
घोष ने यह भी दावा किया कि पहले की सरकार के कार्यकाल में लोग स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे और खुलकर घूम-फिर नहीं सकते थे, परंतु अब स्थिति बदल गई है। यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर BJP और TMC के बीच जारी राजनीतिक विवाद के बीच आई है। आगे देखने वाली बात यह होगी कि ब्रिक्स समिट के बाद भारत की बहुपक्षीय कूटनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।