गर्मियों में ठंडक और ताजगी का राजा: छाछ के स्वास्थ्य लाभ
सारांश
Key Takeaways
- छाछ शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करती है।
- यह पाचन में सुधार करती है और कब्ज से राहत दिलाती है।
- गर्मियों में इसे नियमित रूप से पीना चाहिए।
- छाछ में कम कैलोरी होती है, जो वजन नियंत्रण में मदद करती है।
- इसे विभिन्न मसालों के साथ तैयार किया जा सकता है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मियों का मौसम अब अपनी पूरी गरमी के साथ दस्तक दे चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जब प्यास लगती है, तो अधिकांश लोग कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्ड जूस का सहारा लेते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं, बल्कि हानिकारक हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, गर्मियों के लिए छाछ एक प्राकृतिक और शीतल पेय है, जो शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्ड जूस में मौजूद अत्यधिक चीनी और रासायनिक तत्व शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में छाछ (बटरमिल्क) एक उत्तम प्राकृतिक और पौष्टिक विकल्प है। गर्मियों में नियमित रूप से छाछ का सेवन करने से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है। यह न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि पेट को भी ठंडक देता है।
छाछ, दही को मथकर बनाई जाने वाली एक हल्की, ठंडी और स्वादिष्ट पेय है। इसमें पानी की अधिक मात्रा होने के कारण यह तुरंत ठंडक प्रदान करती है और शरीर को हाइड्रेट करती है। गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने हेतु छाछ बेहद सहायक है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बहुत लाभकारी है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पेट साफ रहता है और कब्ज, गैस और अपच की समस्याएं कम होती हैं।
आयुर्वेद में छाछ को पाचन सुधारने वाला और शरीर को ठंडक देने वाला पेय माना जाता है। यह पेट की गर्मी को कम करता है, जिससे किल-मुंहासे और दाग-धब्बों की समस्या दूर होती है और चेहरे पर निखार आता है। इसके अलावा, यह कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।
गर्मियों में पसीने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। छाछ में मौजूद पोटैशियम, सोडियम और अन्य खनिज इस कमी को पूरा करते हैं। साथ ही, यह वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है।
छाछ बनाने की विधि भी बहुत सरल है। इसे दही को अच्छे से फेंटकर उसमें पानी, सेंधा नमक, जीरा पाउडर, काली मिर्च और पुदीना मिलाकर तैयार किया जा सकता है। कुछ लोग इसमें नींबू का रस या मसाले भी डालते हैं। सुबह के नाश्ते के साथ या दोपहर में प्यास लगने पर इसे पीना बेहद लाभकारी होता है।