13 अक्टूबर 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत, मनी लॉन्ड्रिंग में दुर्गा पूजा जेल में

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत, मनी लॉन्ड्रिंग में दुर्गा पूजा जेल में

सारांश

दुर्गा पूजा के ठीक पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत खारिज कर दी। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की मशहूर पूजा के संरक्षक अब उत्सव से चूकेंगे। ईडी के अनुसार साउथ दमदम में 150 नामों की गैरकानूनी सिफारिश और भ्रष्टाचार की रकम परिवार के खातों में जमा होने का आरोप है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच ने 13 अक्टूबर 2026 को पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत अर्जी खारिज की।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बोस को 11 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
ईडी का आरोप है कि साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी में लगभग 150 नौकरी चाहने वालों की गैरकानूनी सिफारिश की गई।
जस्टिस सुव्रा घोष ने वकील द्वारा चैंबर में फाइल माँगने की घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए खुद को मामले से अलग किया था।
बोस लेक टाउन की श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक हैं, अब इस वर्ष उत्सव में शामिल नहीं हो पाएंगे।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान जेल में ही रहना होगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में 11 मई 2026 को गिरफ्तार किया था।

मुख्य घटनाक्रम

जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच ने बोस की जमानत अर्जी खारिज की, हालांकि उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब इस साल अगस्त में जस्टिस सुव्रा घोष की सिंगल-जज बेंच ने स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया था।

जस्टिस सुव्रा घोष के अनुसार, पूर्व मंत्री के एक वकील उनकी अनुपस्थिति में उनके चैंबर में आए और उनके निजी सचिव से मामले से संबंधित फाइल माँगी। इस घटना को उन्होंने 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती को सूचित किया था, जिसके बाद मामला जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच को स्थानांतरित किया गया।

ईडी के आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने बोस पर साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी में नौकरी चाहने वालों के नामों की गैरकानूनी सिफारिश करने का आरोप लगाया है। जाँच एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट में दावा किया था कि उस सूची में लगभग 150 नौकरी चाहने वालों के नाम थे जिनकी सिफारिश पूर्व मंत्री ने की थी।

ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से अर्जित राशि बोस और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा की गई थी। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने उनसे कई दौर में पूछताछ की थी।

दुर्गा पूजा और सामाजिक संदर्भ

गौरतलब है कि बोस कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके लेक टाउन में स्थित श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिष्ठित सामुदायिक दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक रहे हैं। जमानत खारिज होने के कारण वे इस वर्ष उस आयोजन में भाग नहीं ले सकेंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाइयाँ लगातार राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनी हुई हैं और सत्ताधारी दल के कई नेता जाँच के दायरे में हैं।

क्या होगा आगे

जमानत अर्जी खारिज होने के बाद बोस के पास उच्च न्यायालय की खंडपीठ या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचता है। उनके वकील की ओर से अगली कानूनी रणनीति के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में ईडी की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कई नेता केंद्रीय एजेंसियों की जाँच के घेरे में हैं। इस मामले में चिंताजनक पहलू यह भी है कि एक सिंगल-जज बेंच को सुनवाई के बाद खुद को इसलिए अलग करना पड़ा क्योंकि वकील ने अनुपस्थिति में चैंबर से फाइल माँगी — यह न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा पर गंभीर सवाल उठाता है। दुर्गा पूजा जैसे संवेदनशील सामाजिक अवसर पर जमानत खारिज होना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि बोस श्रीभूमि जैसी प्रतिष्ठित पूजा के संरक्षक रहे हैं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत बोस को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
प्रवर्तन निदेशालय ने सुजीत बोस को 11 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी में लगभग 150 नौकरी चाहने वालों के नामों की गैरकानूनी सिफारिश करने और भ्रष्टाचार की रकम परिवार के बैंक खातों में जमा करने का आरोप है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी क्यों खारिज की?
जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच ने 13 अक्टूबर 2026 को बोस की जमानत अर्जी खारिज की, हालांकि फैसले में कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया। इससे पहले जस्टिस सुव्रा घोष ने मामले से खुद को अलग कर लिया था क्योंकि बोस के एक वकील ने उनकी अनुपस्थिति में चैंबर से केस की फाइल माँगी थी।
श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब से सुजीत बोस का क्या संबंध है?
सुजीत बोस कोलकाता के लेक टाउन इलाके में श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब द्वारा आयोजित सामुदायिक दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक रहे हैं। जमानत खारिज होने के कारण वे इस वर्ष उस उत्सव में भाग नहीं ले पाएंगे।
इस मामले में जस्टिस सुव्रा घोष ने खुद को अलग क्यों किया?
अगस्त 2026 में जस्टिस सुव्रा घोष ने बताया कि बोस के एक वकील उनकी अनुपस्थिति में उनके चैंबर में आए और निजी सचिव से मामले की फाइल माँगी। उन्होंने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती को सूचित कर मामले से खुद को अलग कर लिया।
जमानत खारिज होने के बाद सुजीत बोस के पास क्या विकल्प हैं?
जमानत अर्जी खारिज होने के बाद बोस कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ या भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं। अभी तक उनके वकीलों की ओर से अगली कानूनी कार्रवाई के बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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