कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत, मनी लॉन्ड्रिंग में दुर्गा पूजा जेल में
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान जेल में ही रहना होगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में 11 मई 2026 को गिरफ्तार किया था।
मुख्य घटनाक्रम
जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच ने बोस की जमानत अर्जी खारिज की, हालांकि उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब इस साल अगस्त में जस्टिस सुव्रा घोष की सिंगल-जज बेंच ने स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया था।
जस्टिस सुव्रा घोष के अनुसार, पूर्व मंत्री के एक वकील उनकी अनुपस्थिति में उनके चैंबर में आए और उनके निजी सचिव से मामले से संबंधित फाइल माँगी। इस घटना को उन्होंने 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती को सूचित किया था, जिसके बाद मामला जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच को स्थानांतरित किया गया।
ईडी के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय ने बोस पर साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी में नौकरी चाहने वालों के नामों की गैरकानूनी सिफारिश करने का आरोप लगाया है। जाँच एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट में दावा किया था कि उस सूची में लगभग 150 नौकरी चाहने वालों के नाम थे जिनकी सिफारिश पूर्व मंत्री ने की थी।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से अर्जित राशि बोस और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा की गई थी। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने उनसे कई दौर में पूछताछ की थी।
दुर्गा पूजा और सामाजिक संदर्भ
गौरतलब है कि बोस कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके लेक टाउन में स्थित श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिष्ठित सामुदायिक दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक रहे हैं। जमानत खारिज होने के कारण वे इस वर्ष उस आयोजन में भाग नहीं ले सकेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाइयाँ लगातार राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनी हुई हैं और सत्ताधारी दल के कई नेता जाँच के दायरे में हैं।
क्या होगा आगे
जमानत अर्जी खारिज होने के बाद बोस के पास उच्च न्यायालय की खंडपीठ या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचता है। उनके वकील की ओर से अगली कानूनी रणनीति के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में ईडी की जाँच जारी है।