8 जुलाई 2026
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सीबीआई ने डाक विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार किए, सारागुर पोस्ट ऑफिस से ₹1.3 करोड़ के गबन का आरोप

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सीबीआई ने डाक विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार किए, सारागुर पोस्ट ऑफिस से ₹1.3 करोड़ के गबन का आरोप

सारांश

सीबीआई ने मैसूर के सारागुर पोस्ट ऑफिस के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर 44 खाताधारकों की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर ₹1.3 करोड़ का गबन करने का आरोप है। यह धोखाधड़ी 2022 से 2025 के बीच हुई बताई जा रही है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 8 जुलाई 2026 को मैसूर के सारागुर पोस्ट ऑफिस के एक पोस्टल असिस्टेंट और एक पोस्टमैन को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर 44 खाताधारकों के सेविंग अकाउंट से ₹1.3 करोड़ की सरकारी राशि के गबन का आरोप है।
धोखाधड़ी 2022 से 2025 के बीच ग्राहकों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड के अनधिकृत उपयोग से की गई।
मामला मार्च 2026 में डाक विभाग की शिकायत पर बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज हुआ।
सीबीआई ने इसी दौरान बीआरओ फंड घोटाले में लद्दाख के एक असिस्टेंट इंजीनियर सहित 3 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 जुलाई 2026 को बेंगलुरु स्थित मैसूर के सारागुर पोस्ट ऑफिस के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर 44 खाताधारकों के पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से ₹1.3 करोड़ की सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पोस्टल असिस्टेंट और एक पोस्टमैन शामिल हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह प्रकरण मार्च 2026 में डाक विभाग की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर सामने आया। सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगाए हैं। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधान भी लागू किए गए हैं।

कैसे हुआ गबन

सीबीआई की जांच से पता चला है कि दोनों आरोपियों ने 2022 से 2025 के बीच सुनियोजित ढंग से खाताधारकों के पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से रकम निकाली। जांच के अनुसार, इन्होंने ग्राहकों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का अनधिकृत उपयोग करते हुए धोखाधड़ी से धनराशि ट्रांसफर की और उसे अपने रिश्तेदारों तथा स्वयं के बैंक खातों में जमा करवाया।

गौरतलब है कि जांच एजेंसी को आशंका है कि गबन की यह रकम और भी अधिक हो सकती है, क्योंकि अन्य खातों की जांच अभी जारी है।

न्यायिक कार्रवाई

दोनों आरोपियों को बेंगलुरु की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस हिरासत में लिया जाएगा। सीबीआई इस पूरे धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।

बीआरओ फंड घोटाले में भी कार्रवाई

सीबीआई ने इसी दौरान एक अलग मामले में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) फंड घोटाले में 3 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें लद्दाख में बीआरओ के 81 आरसीसी के तहत खात्से-बटालिक सेक्टर के इंचार्ज एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं।

जांच के अनुसार, असिस्टेंट इंजीनियर ने दोनों एजेंटों के साथ मिलकर ऐसे मजदूरों के नाम पर बीआरओ के फंड का दुरुपयोग किया जो वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद ही नहीं थे। इसके बाद एजेंटों ने वह रकम आरोपी इंजीनियर के खाते में स्थानांतरित करवाई।

आगे की जांच

सीबीआई दोनों मामलों में गहन जांच जारी रखेगी। सारागुर पोस्ट ऑफिस मामले में अतिरिक्त खातों की संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है, जिससे गबन की कुल राशि और बढ़ सकती है। सरकारी विभागों में इस तरह के आंतरिक वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की बढ़ती संख्या निगरानी तंत्र की खामियों की ओर इशारा करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले शिकायत के बाद ही क्यों उजागर होते हैं — निगरानी तंत्र से क्यों नहीं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सारागुर पोस्ट ऑफिस गबन मामले में सीबीआई ने किसे गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने मैसूर के सारागुर पोस्ट ऑफिस के एक पोस्टल असिस्टेंट और एक पोस्टमैन को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 44 खाताधारकों के सेविंग अकाउंट से ₹1.3 करोड़ की सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है।
डाक विभाग के इन कर्मचारियों ने धोखाधड़ी कैसे की?
जांच के अनुसार, आरोपियों ने 2022 से 2025 के बीच ग्राहकों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का अनधिकृत उपयोग करके उनके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से धनराशि ट्रांसफर की। यह रकम बाद में उनके अपने और रिश्तेदारों के खातों में जमा करवाई गई।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
क्या गबन की कुल राशि ₹1.3 करोड़ से अधिक हो सकती है?
सीबीआई को आशंका है कि अन्य खातों में भी गबन हुआ है, जिसकी जांच अभी जारी है। इसलिए कुल गबन राशि अभी तक सामने आई ₹1.3 करोड़ से अधिक हो सकती है।
बीआरओ फंड घोटाले में सीबीआई ने क्या कार्रवाई की?
सीबीआई ने एक अलग मामले में लद्दाख में बीआरओ के 81 आरसीसी के खात्से-बटालिक सेक्टर के इंचार्ज असिस्टेंट इंजीनियर और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंटों को गिरफ्तार किया। इन पर काल्पनिक मजदूरों के नाम पर बीआरओ के फंड का दुरुपयोग करने का आरोप है।
राष्ट्र प्रेस
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