शिमला सीबीआई कोर्ट का फैसला: बैंक धोखाधड़ी में चार दोषियों को 2 साल की जेल, ₹80,000 जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
शिमला की सीबीआई विशेष अदालत ने 14 जुलाई 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI), डेहरा से जुड़े बैंक धोखाधड़ी के तीन मामलों में चार आरोपियों — बचित्तर सिंह, रोशन लाल, हरकिरत सिंह और शम्मी — को दो वर्ष के कारावास और कुल ₹80,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने 6 जुलाई को इन चारों को दोषी करार दिया था और आठ दिन बाद सजा का ऐलान किया।
मामले की पृष्ठभूमि
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 22 फरवरी 2013 को यह मामला दर्ज किया था। आरोप था कि राज कुमार कैंथ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, SBI डेहरा), कुलदीप सिंह भटोआ (तत्कालीन फील्ड ऑफिसर, SBI डेहरा), एस.एम. पॉल (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, SBI डेहरा), मोहिंदर (तत्कालीन प्रबंधक PBD, SBI डेहरा), सुरेश कुमार (निजी व्यक्ति) और अन्य अज्ञात अधिकारियों व निजी व्यक्तियों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।
जांच के अनुसार इन लोगों ने नकली और जाली दस्तावेजों के आधार पर SBI की डेहरा शाखा (जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण हासिल किए और उन्हें चुकाने से इनकार कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की।
चार्जशीट और न्यायिक प्रक्रिया
जांच पूरी होने के बाद CBI ने बैंक अधिकारियों और निजी उधारकर्ताओं के खिलाफ शिमला स्थित CBI विशेष न्यायाधीश की अदालत में अलग-अलग 20 चार्जशीट दाखिल कीं। इसके अतिरिक्त, केवल निजी व्यक्तियों के खिलाफ विशेष मजिस्ट्रेट-सह-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में 19 अलग चार्जशीट भी दाखिल की गईं।
गौरतलब है कि यह मामला एक दशक से अधिक समय से न्यायिक प्रक्रिया में था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।
सजा का विवरण
अदालत ने बचित्तर सिंह, रोशन लाल, हरकिरत सिंह और शम्मी — इन चारों निजी व्यक्तियों को — दो-दो वर्ष के कारावास की सजा दी। इसके साथ ही कुल ₹80,000 का जुर्माना भी लगाया गया। यह सजा बैंक धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज़ीकरण के आरोपों में दी गई है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी बैंकों में KCC ऋण घोटालों पर CBI की निगरानी पूरे देश में बढ़ी है। हिमाचल प्रदेश में भी पिछले कुछ वर्षों में कृषि ऋण धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। CBI की यह कार्रवाई संस्थागत ऋण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आगे की सुनवाई में अन्य आरोपियों के मामलों का भी निपटारा अपेक्षित है।