चंडीगढ़ स्कूलों और पंजाब सचिवालय को बम धमकी देने वाला सौरभ बिस्वास गिरफ्तार, 300 फर्जी Gmail खाते बरामद
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ पुलिस ने 15 जून 2026 को कई शिक्षण संस्थानों और पंजाब सिविल सचिवालय को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की झूठी धमकियाँ भेजने के मामले में सौरभ बिस्वास (30) को गिरफ्तार किया। आरोपी पश्चिम बंगाल का निवासी है और तकनीकी जाँच में सामने आया कि वह पहले बांग्लादेश से सीमा पार कर चुका था। यह गिरफ्तारी 2 जून 2026 को पेशी वारंट के आधार पर की गई।
मुख्य घटनाक्रम
28 जनवरी 2026 को टेंडर हार्ट स्कूल, जीएमएसएसएस सेक्टर-16, जीएमएसएसएस सेक्टर-35 और जीएमएसएसएस सेक्टर-19 को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस पर पुलिस चौकी सेक्टर-17 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113(3), 62, 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(F) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
इसके अगले दिन, 29 जनवरी 2026 को पंजाब सिविल सचिवालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसके बाद पुलिस स्टेशन-3, चंडीगढ़ में BNS की धारा 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(F) के तहत अलग एफआईआर दर्ज की गई।
तकनीकी जाँच से हुआ पर्दाफाश
दोनों मामलों में ईमेल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जाँच टीम आरोपी सौरभ बिस्वास तक पहुँची। जाँच में खुलासा हुआ कि सौरभ एक तकनीकी रूप से दक्ष फ्रीलांसर था जो ऑनलाइन वेब डिज़ाइन और एनिमेशन सेवाएँ देता था। वह विभिन्न फेसबुक पेजों के ज़रिए Gmail खातों की खरीद-बिक्री में भी संलिप्त था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने ऑनलाइन माध्यम से लगभग 300 Gmail खाते हासिल किए थे, जिनमें से 219 खाते बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति को बेचे गए। यह तथ्य जाँच को अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की ओर ले जाता है, जिसकी पड़ताल अभी जारी है।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
गौरतलब है कि अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इसी तरह की एक फर्जी बम धमकी के मामले में सौरभ को पहले गिरफ्तार कर चुका था। चंडीगढ़ के अलावा, उसके खिलाफ दिल्ली के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, दिल्ली स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन और द्वारका साइबर पुलिस स्टेशन में भी एफआईआर दर्ज हैं। यह कम से कम चौथी बार है जब उसके खिलाफ इस प्रकार के मामले में कार्रवाई हुई है।
आगे की जाँच
पुलिस स्टेशन-3 और पुलिस स्टेशन-17 ने दोनों मामलों में पुलिस रिमांड प्राप्त कर ली है। अन्य संदिग्ध कड़ियों और बांग्लादेश कनेक्शन की जाँच के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम सक्रिय है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।