31 जुलाई 2026
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चंडीगढ़ स्कूलों और पंजाब सचिवालय को बम धमकी देने वाला सौरभ बिस्वास गिरफ्तार, 300 फर्जी Gmail खाते बरामद

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चंडीगढ़ स्कूलों और पंजाब सचिवालय को बम धमकी देने वाला सौरभ बिस्वास गिरफ्तार, 300 फर्जी Gmail खाते बरामद

सारांश

चंडीगढ़ पुलिस ने जनवरी 2026 में चार स्कूलों और पंजाब सचिवालय को ईमेल से बम धमकी देने वाले पश्चिम बंगाल के सौरभ बिस्वास को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास 300 फर्जी Gmail खाते मिले और बांग्लादेश कनेक्शन की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ पुलिस ने 2 जून 2026 को सौरभ बिस्वास (30) को बम धमकी मामले में गिरफ्तार किया।
28 जनवरी 2026 को चार स्कूलों और 29 जनवरी 2026 को पंजाब सिविल सचिवालय को ईमेल से धमकी मिली थी।
आरोपी ने ऑनलाइन लगभग 300 Gmail खाते हासिल किए, जिनमें से 219 बांग्लादेश स्थित व्यक्ति को बेचे।
सौरभ को इससे पहले अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।
दिल्ली सिविल लाइंस, दिल्ली स्पेशल सेल और द्वारका साइबर पुलिस में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं।
BNS की धारा 113(3), 62, 351(4) और आईटी अधिनियम 66(F) के तहत मामला दर्ज; जाँच जारी।

चंडीगढ़ पुलिस ने 15 जून 2026 को कई शिक्षण संस्थानों और पंजाब सिविल सचिवालय को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की झूठी धमकियाँ भेजने के मामले में सौरभ बिस्वास (30) को गिरफ्तार किया। आरोपी पश्चिम बंगाल का निवासी है और तकनीकी जाँच में सामने आया कि वह पहले बांग्लादेश से सीमा पार कर चुका था। यह गिरफ्तारी 2 जून 2026 को पेशी वारंट के आधार पर की गई।

मुख्य घटनाक्रम

28 जनवरी 2026 को टेंडर हार्ट स्कूल, जीएमएसएसएस सेक्टर-16, जीएमएसएसएस सेक्टर-35 और जीएमएसएसएस सेक्टर-19 को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस पर पुलिस चौकी सेक्टर-17 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113(3), 62, 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(F) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

इसके अगले दिन, 29 जनवरी 2026 को पंजाब सिविल सचिवालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसके बाद पुलिस स्टेशन-3, चंडीगढ़ में BNS की धारा 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(F) के तहत अलग एफआईआर दर्ज की गई।

तकनीकी जाँच से हुआ पर्दाफाश

दोनों मामलों में ईमेल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जाँच टीम आरोपी सौरभ बिस्वास तक पहुँची। जाँच में खुलासा हुआ कि सौरभ एक तकनीकी रूप से दक्ष फ्रीलांसर था जो ऑनलाइन वेब डिज़ाइन और एनिमेशन सेवाएँ देता था। वह विभिन्न फेसबुक पेजों के ज़रिए Gmail खातों की खरीद-बिक्री में भी संलिप्त था।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने ऑनलाइन माध्यम से लगभग 300 Gmail खाते हासिल किए थे, जिनमें से 219 खाते बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति को बेचे गए। यह तथ्य जाँच को अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की ओर ले जाता है, जिसकी पड़ताल अभी जारी है।

पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड

गौरतलब है कि अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इसी तरह की एक फर्जी बम धमकी के मामले में सौरभ को पहले गिरफ्तार कर चुका था। चंडीगढ़ के अलावा, उसके खिलाफ दिल्ली के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, दिल्ली स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन और द्वारका साइबर पुलिस स्टेशन में भी एफआईआर दर्ज हैं। यह कम से कम चौथी बार है जब उसके खिलाफ इस प्रकार के मामले में कार्रवाई हुई है।

आगे की जाँच

पुलिस स्टेशन-3 और पुलिस स्टेशन-17 ने दोनों मामलों में पुलिस रिमांड प्राप्त कर ली है। अन्य संदिग्ध कड़ियों और बांग्लादेश कनेक्शन की जाँच के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम सक्रिय है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत में फर्जी डिजिटल पहचान की बढ़ती व्यापार-शृंखला का संकेत है — जहाँ Gmail खाते थोक में खरीदे-बेचे जाते हैं और सीमा पार कनेक्शन सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देते हैं। यह तथ्य कि वह अहमदाबाद में पहले ही पकड़ा जा चुका था और फिर भी चंडीगढ़ व दिल्ली में नई धमकियाँ दे सका, न्यायिक और डेटा-साझेदारी तंत्र की खामियाँ उजागर करता है। बांग्लादेश को बेचे गए 219 खातों की कड़ी अगर साबित होती है, तो यह राज्य पुलिस की जाँच से बड़ा, राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बन जाता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ बिस्वास को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
सौरभ बिस्वास को जनवरी 2026 में चंडीगढ़ के चार स्कूलों और पंजाब सिविल सचिवालय को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की झूठी धमकियाँ भेजने के आरोप में 2 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। उस पर BNS की धारा 113(3), 62, 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(F) के तहत मामले दर्ज हैं।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
जाँच में सामने आया कि सौरभ ने ऑनलाइन लगभग 300 Gmail खाते हासिल किए थे, जिनमें से 219 बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति को बेचे गए। वह वेब डिज़ाइन और एनिमेशन का फ्रीलांसर था और फेसबुक पेजों के ज़रिए इन खातों की खरीद-बिक्री करता था।
क्या सौरभ बिस्वास पहले भी पकड़ा गया था?
हाँ, अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन उसे इसी तरह की एक फर्जी बम धमकी के मामले में पहले गिरफ्तार कर चुकी थी। इसके अलावा दिल्ली के सिविल लाइंस, स्पेशल सेल और द्वारका साइबर पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं।
इस मामले में बांग्लादेश कनेक्शन क्या है?
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पहले बांग्लादेश से सीमा पार कर चुका था और उसने 219 Gmail खाते बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति को बेचे। इस अंतरराष्ट्रीय कड़ी की जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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