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पंजाब पुलिस ने पश्चिम बंगाल से पकड़ा साइबर आतंकवाद का मास्टरमाइंड, पंजाब सचिवालय-दरबार साहिब को उड़ाने की दी थी धमकी

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पंजाब पुलिस ने पश्चिम बंगाल से पकड़ा साइबर आतंकवाद का मास्टरमाइंड, पंजाब सचिवालय-दरबार साहिब को उड़ाने की दी थी धमकी

सारांश

अमृतसर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से साइबर आतंकवाद के एक 30 वर्षीय मास्टरमाइंड को दबोचा, जिसके पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत कई देशों से संपर्क थे और जिसने पंजाब सचिवालय व दरबार साहिब को उड़ाने की धमकी दी थी। AAP विधायक धालीवाल ने इसे डिजिटल युग की सबसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया।

मुख्य बातें

अमृतसर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से साइबर आतंकवाद नेटवर्क के 30 वर्षीय मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पाकिस्तान , बांग्लादेश समेत कई देशों और भारतीय राज्यों से संपर्क थे।
आरोपी ने कथित तौर पर पंजाब सचिवालय , पंजाब विधानसभा और श्री दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकियाँ दी थीं।
गैंग ईमेल और व्हाट्सएप के ज़रिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में दहशत फैलाता था।
AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र से 332 किमी सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक देने की माँग की।

अमृतसर पुलिस ने साइबर आतंकवाद के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। 22 मई को अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार आतंक के हर स्वरूप के विरुद्ध दृढ़ता से खड़ी है।

मुख्य आरोपी की पहचान और नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपी की उम्र 30 वर्ष बताई गई है। धालीवाल के अनुसार, यह युवक एक बड़े गैंग का हिस्सा था, जिसके पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों और भारतीय राज्यों से संपर्क थे। गैंग ईमेल और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित अनेक राज्यों में दहशत फैलाता था।

आरोपी ने कथित तौर पर पंजाब सचिवालय, पंजाब विधानसभा और श्री दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकियाँ दी थीं। इसके अलावा, स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाने की झूठी धमकियाँ देकर आम नागरिकों में भय का माहौल बनाया जाता था।

साइबर आतंकवाद की गंभीरता पर धालीवाल का बयान

विधायक धालीवाल ने कहा, 'साइबर आतंकवाद को नियंत्रित करना आम आतंकवाद से कहीं ज़्यादा कठिन है क्योंकि कोई भी व्यक्ति अमेरिका, कनाडा या दुनिया के किसी भी कोने से बैठकर धमकियाँ दे सकता है। इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने उत्कृष्ट काम किया है।' उन्होंने अमृतसर और पंजाब के नागरिकों से अपील की कि वे घबराएँ नहीं — AAP सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को बम की झूठी धमकियाँ मिलने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि डिजिटल माध्यमों से फैलाई जाने वाली ऐसी धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक उभरती चुनौती बन चुकी हैं।

सरकार का रुख और ड्रग्स विरोधी अभियान

धालीवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने शुरू से ही यह संदेश दिया है कि आतंक फैलाने, फायरिंग करने, धमाके करने या राज्य के माहौल को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ड्रग्स विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि मान सरकार ने बड़े-बड़े ड्रग तस्करों को जेल भेजा है, जो पहले की किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ।

केंद्र से एंटी-ड्रोन तकनीक की माँग

धालीवाल ने केंद्र सरकार से पंजाब की 332 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और बेहतर हथियार उपलब्ध कराने की माँग की। उनका कहना था कि सीमा पर तकनीकी उन्नयन के बिना ड्रोन के ज़रिए होने वाली हथियार और नशे की तस्करी को रोकना कठिन है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है। धालीवाल ने स्पष्ट किया कि साइबर क्राइम और ड्रग माफिया दोनों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि नेटवर्क के अन्य सदस्य — जो कथित तौर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हैं — अभी भी सक्रिय हैं या नहीं। एंटी-ड्रोन तकनीक की माँग और साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाएँ मिलकर यह संकेत देती हैं कि पंजाब की सुरक्षा चुनौती अब केवल पारंपरिक सीमा-प्रबंधन तक सीमित नहीं रही।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ने साइबर आतंकवाद के किस आरोपी को गिरफ्तार किया?
पंजाब की अमृतसर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक 30 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जो साइबर आतंकवाद नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उस पर पंजाब सचिवालय, विधानसभा और श्री दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप है।
इस साइबर आतंकवाद नेटवर्क का विस्तार कहाँ-कहाँ था?
अधिकारियों के अनुसार, यह गैंग ईमेल और व्हाट्सएप के ज़रिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में दहशत फैलाता था। आरोपी के पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देशों से भी संपर्क कथित तौर पर थे।
AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस गिरफ्तारी पर क्या कहा?
विधायक धालीवाल ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब पुलिस की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार आतंक के हर स्वरूप को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने नागरिकों से घबराने की बजाय सरकार पर भरोसा रखने की अपील की।
केंद्र सरकार से एंटी-ड्रोन तकनीक की माँग क्यों की गई?
धालीवाल ने कहा कि पंजाब की 332 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात BSF जवानों के पास आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और बेहतर हथियारों का अभाव है, जिससे ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी रोकना मुश्किल हो रहा है।
साइबर आतंकवाद से निपटना पारंपरिक आतंकवाद से कठिन क्यों है?
धालीवाल के अनुसार, साइबर आतंकवाद में आरोपी दुनिया के किसी भी कोने — अमेरिका, कनाडा या अन्य देश — से बैठकर धमकियाँ दे सकता है, जिससे उसकी पहचान और गिरफ्तारी बेहद जटिल हो जाती है। इसीलिए इस मामले में पश्चिम बंगाल तक पहुँचकर की गई गिरफ्तारी को उल्लेखनीय माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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