पंजाब पुलिस ने पश्चिम बंगाल से पकड़ा साइबर आतंकवाद का मास्टरमाइंड, पंजाब सचिवालय-दरबार साहिब को उड़ाने की दी थी धमकी
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर पुलिस ने साइबर आतंकवाद के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। 22 मई को अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार आतंक के हर स्वरूप के विरुद्ध दृढ़ता से खड़ी है।
मुख्य आरोपी की पहचान और नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपी की उम्र 30 वर्ष बताई गई है। धालीवाल के अनुसार, यह युवक एक बड़े गैंग का हिस्सा था, जिसके पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों और भारतीय राज्यों से संपर्क थे। गैंग ईमेल और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित अनेक राज्यों में दहशत फैलाता था।
आरोपी ने कथित तौर पर पंजाब सचिवालय, पंजाब विधानसभा और श्री दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकियाँ दी थीं। इसके अलावा, स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाने की झूठी धमकियाँ देकर आम नागरिकों में भय का माहौल बनाया जाता था।
साइबर आतंकवाद की गंभीरता पर धालीवाल का बयान
विधायक धालीवाल ने कहा, 'साइबर आतंकवाद को नियंत्रित करना आम आतंकवाद से कहीं ज़्यादा कठिन है क्योंकि कोई भी व्यक्ति अमेरिका, कनाडा या दुनिया के किसी भी कोने से बैठकर धमकियाँ दे सकता है। इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने उत्कृष्ट काम किया है।' उन्होंने अमृतसर और पंजाब के नागरिकों से अपील की कि वे घबराएँ नहीं — AAP सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को बम की झूठी धमकियाँ मिलने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि डिजिटल माध्यमों से फैलाई जाने वाली ऐसी धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक उभरती चुनौती बन चुकी हैं।
सरकार का रुख और ड्रग्स विरोधी अभियान
धालीवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने शुरू से ही यह संदेश दिया है कि आतंक फैलाने, फायरिंग करने, धमाके करने या राज्य के माहौल को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ड्रग्स विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि मान सरकार ने बड़े-बड़े ड्रग तस्करों को जेल भेजा है, जो पहले की किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ।
केंद्र से एंटी-ड्रोन तकनीक की माँग
धालीवाल ने केंद्र सरकार से पंजाब की 332 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और बेहतर हथियार उपलब्ध कराने की माँग की। उनका कहना था कि सीमा पर तकनीकी उन्नयन के बिना ड्रोन के ज़रिए होने वाली हथियार और नशे की तस्करी को रोकना कठिन है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की कोशिश की जा रही है। धालीवाल ने स्पष्ट किया कि साइबर क्राइम और ड्रग माफिया दोनों के विरुद्ध सरकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।