साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का मास्टरमाइंड सौरभ काले थाईलैंड से डिपोर्ट, मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र पुलिस ने 12 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड सौरभ उर्फ गणेश काले को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया, जैसे ही वह थाईलैंड से प्रत्यर्पित होकर भारत पहुँचा। पुणे पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर साइबर अपराधों में संलिप्त था और दुबई से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
मामले की पृष्ठभूमि और एफआईआर
यह मामला पुणे के देहू रोड, हिंजवडी और साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन अलग-अलग प्राथमिकियों (एफआईआर) की जाँच के दौरान उजागर हुआ। जाँच के क्रम में पुलिस पहले ही इस गिरोह से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। उन्हीं की पूछताछ से यह खुलासा हुआ कि कोई एक मास्टरमाइंड विदेश से बैठकर भारत में मौजूद एजेंटों को निर्देश दे रहा था।
गौरतलब है कि एक अन्य गिरफ्तार आरोपी दीपक गाढ़े ने दुबई में गणेश काले से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस सिंडिकेट के संचालन में और तेज़ी आई तथा कई लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़ते गए।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और लुकआउट सर्कुलर जारी करवाए। इसके साथ ही यूएई और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया गया। काले को थाईलैंड में हिरासत में लिया गया और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई लगभग डेढ़ वर्ष की अथक मेहनत का परिणाम है। इस दौरान साइबर पुलिस स्टेशन की जाँच टीम के साथ-साथ भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरोपी के खिलाफ आरोप
पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने बताया कि काले पर ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। वह पहले दुबई से नेटवर्क संचालित करता था और बाद में थाईलैंड भाग गया था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय एजेंसियों के आँकड़ों के अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट देश भर में हज़ारों पीड़ितों को निशाना बना चुके हैं।
आगे की जाँच
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद काले से विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिससे उसके विदेशी संपर्कों, पूरे नेटवर्क की संरचना और भारत में सक्रिय अन्य सहयोगियों की पहचान की जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से कई और मामलों में सफलता मिलेगी।