27 जुलाई 2026
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साइबर ठग गणेश बालासो काले का थाईलैंड से प्रत्यर्पण, मुंबई एयरपोर्ट पर सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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साइबर ठग गणेश बालासो काले का थाईलैंड से प्रत्यर्पण, मुंबई एयरपोर्ट पर सीबीआई ने किया गिरफ्तार

सारांश

इंटरपोल रेड नोटिस जारी होने के महज 20 दिन बाद सीबीआई ने साइबर ठगी के वांछित भगोड़े गणेश बालासो काले को थाईलैंड से प्रत्यर्पित कर मुंबई में गिरफ्तार किया। ऑनलाइन नौकरी के झाँसे और म्यूल अकाउंट नेटवर्क चलाने वाले इस आरोपी की वापसी भारत के बढ़ते सीमापार साइबर-अपराध विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने साइबर ठगी के वांछित आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से प्रत्यर्पित कर 11 जून 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया।
मई 2026 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर थाई पुलिस ने 24 मई को बैंकॉक में काले को हिरासत में लिया था।
गिरफ्तारी से प्रत्यर्पण तक की पूरी प्रक्रिया मात्र 20 दिनों में पूरी की गई।
आरोपी ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का प्रलोभन देकर और म्यूल अकाउंट्स के ज़रिये अवैध फंड ट्रांसफर कर साइबर ठगी करता था।
सीबीआई 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म के ज़रिये अब तक 160 से अधिक भगोड़े अपराधियों को विदेशों से वापस ला चुकी है।
प्रत्यर्पण में MEA , MHA और बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने संयुक्त भूमिका निभाई।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वांछित भगोड़े गणेश बालासो काले को थाईलैंड से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराकर 11 जून को मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास के संयुक्त समन्वय से अंजाम दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

मई 2026 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर थाई पुलिस ने 24 मई को बैंकॉक में काले को हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय और थाई अधिकारियों के बीच तेज़ कानूनी और कूटनीतिक समन्वय हुआ और मात्र 20 दिनों के भीतर आरोपी को भारत वापस लाया गया। 11 जून को मुंबई पहुँचते ही महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

आरोपी का अपराध-तंत्र

सीबीआई के अनुसार, गणेश बालासो काले लोगों को ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का प्रलोभन देकर उनसे निवेश के नाम पर रकम जमा करवाता था और फिर धोखाधड़ी कर फरार हो जाता था। उसने एक सुसंगठित साइबर वित्तीय अपराध गिरोह खड़ा किया था जिसमें कई सहयोगी शामिल थे।

आरोपी निर्दोष लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध फंड ट्रांसफर के लिए करता था — इन्हें 'म्यूल अकाउंट्स' कहा जाता है। इन खाताधारकों को ब्याज या कमीशन का लालच देकर उनका इस्तेमाल पीड़ितों की ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया जाता था। काले ने अपने साथियों को नकली सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए थे।

भारतपोल और इंटरपोल की भूमिका

सीबीआई ने इस ऑपरेशन को 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म के ज़रिये इंटरपोल चैनलों का उपयोग करते हुए अंजाम दिया। गौरतलब है कि सीबीआई भारत में इंटरपोल का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB) है। यह ऐसे समय में आया है जब एजेंसी ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न जाँच एजेंसियों के साथ समन्वय कर 160 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से भारत वापस लाने का रिकॉर्ड बनाया है।

साइबर अपराध पर असर

यह प्रत्यर्पण उस बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का हिस्सा है जो भारत सरकार ने सीमापार साइबर ठगी के गिरोहों पर बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क और फर्जी नौकरी के जाल जैसी योजनाएँ तेज़ी से जटिल होती जा रही हैं, और इनसे निपटने के लिए बहुपक्षीय कानूनी सहयोग अनिवार्य है। काले की गिरफ्तारी से जुड़े नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक जाँच कितनी गहरी जाती है। ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी के ऐसे गिरोह अक्सर एकल आरोपी से कहीं बड़े तंत्र पर टिके होते हैं — एक गिरफ्तारी नेटवर्क को बाधित कर सकती है, पर खत्म नहीं। 'भारतपोल' के ज़रिये 160 से अधिक प्रत्यर्पण एक प्रभावशाली आँकड़ा है, लेकिन साइबर अपराध की दर को देखते हुए यह संख्या अभी भी हिमशैल का सिरा ही है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश बालासो काले कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
गणेश बालासो काले साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में सीबीआई का वांछित आरोपी है। वह लोगों को ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का प्रलोभन देकर निवेश के नाम पर पैसे ठगता था और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के ज़रिये अवैध फंड ट्रांसफर करता था।
काले को थाईलैंड से कैसे और कब वापस लाया गया?
मई 2026 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर थाई पुलिस ने 24 मई को बैंकॉक में काले को गिरफ्तार किया। MEA, MHA और बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास के समन्वय से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मात्र 20 दिनों में 11 जून को उसे मुंबई लाया गया।
म्यूल अकाउंट क्या होता है और इस मामले में इसका क्या रोल था?
म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जो किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम पर होते हैं लेकिन अपराधी उनका इस्तेमाल अवैध रकम को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। काले अपने नेटवर्क में लोगों को ब्याज या कमीशन का लालच देकर उनके खातों का इस्तेमाल पीड़ितों की ठगी की रकम ट्रांसफर करने में करता था।
सीबीआई का 'भारतपोल' प्लेटफॉर्म क्या है?
भारतपोल सीबीआई द्वारा संचालित वह प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिये भारत इंटरपोल के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ता है। सीबीआई भारत में इंटरपोल का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है और इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 160 से अधिक भगोड़े अपराधियों को विदेशों से वापस लाया जा चुका है।
काले की गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
11 जून को मुंबई पहुँचने पर महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने काले को अपनी हिरासत में ले लिया है। अब उस पर साइबर ठगी और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में विधिवत मुकदमा चलाया जाएगा, और जाँच एजेंसियाँ उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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