राजस्थान पुलिस ने ₹12 करोड़ की फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग धोखाधड़ी में पाँचवाँ आरोपी गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 25 अगस्त 2026 को भोपाल निवासी विशाल शर्मा को गिरफ्तार किया — जो एक फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से अंजाम दी गई ₹12 करोड़ से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामले में पाँचवाँ गिरफ्तार आरोपी है। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या पाँच हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
जाँचकर्ताओं ने बताया कि पीड़ित शिकायतकर्ता को सितंबर 2025 में व्हाट्सएप पर एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक मिला था। इस प्लेटफॉर्म पर निवेश का लालच देकर पीड़ित से कुल ₹12,09,65,512 की धोखाधड़ी की गई।
अक्टूबर और नवंबर 2025 के बीच पीड़ित ने ₹6 करोड़ से अधिक जमा किए। फर्जी वेबसाइट पर कथित मुनाफे सहित ₹9.42 करोड़ का वर्चुअल वॉलेट बैलेंस दर्शाया गया। जब पीड़ित ने राशि निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कथित तौर पर टैक्स और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम माँगी, जिससे कुल जमा राशि ₹12 करोड़ से ऊपर पहुँच गई।
आरोपी की भूमिका और पृष्ठभूमि
साइबर क्राइम टीम ने धोखाधड़ी की रकम में से ₹25 लाख का सीधा संबंध शर्मा के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से स्थापित किया। अधिकारियों के अनुसार, शर्मा पहले से ही वेस्ट दिल्ली साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एक अन्य साइबर अपराध मामले में तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में था। उसे प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाया गया।
पुलिस ने बताया कि शर्मा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के कहने पर बैंक खाते खोले और उन्हें लेन-देन के लिए उपलब्ध कराया। कथित तौर पर इन्हीं खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से अर्जित रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया। जाँच में सामने आया है कि शर्मा के नेपाल और भोपाल के संदिग्धों से संबंध हैं और हैदराबाद पुलिस भी पहले उसके विरुद्ध कार्रवाई कर चुकी है।
जाँच की स्थिति
साइबर अपराध टीम अभी व्हाट्सएप रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR), पहचान दस्तावेज़ और बैंकिंग लेन-देन का विश्लेषण कर रही है। इसका उद्देश्य धन-प्रवाह की पूरी श्रृंखला का पता लगाना और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर ठगी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आम जनता के लिए चेतावनी
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं से सतर्क रहें। पुलिस ने विशेष रूप से तीन बातों से बचने की हिदायत दी है — अज्ञात लिंक पर क्लिक करना, 'पैसे निकालने के लिए पहले पैसे भेजें' जैसे जाल में फँसना, और कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते दूसरों को इस्तेमाल करने देना। गौरतलब है कि ऐसे खाते प्रायः साइबर अपराध की रकम को ठिकाने लगाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
क्या होगा आगे
जाँच टीम नेटवर्क के शेष सदस्यों की पहचान के करीब बताई जा रही है। नेपाल और हैदराबाद से जुड़े तार मिलने के बाद यह मामला अंतर-राज्यीय और संभावित रूप से अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करता है।