छत्तीसगढ़: कोरिया जिले में 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब, ₹68 लाख का घोटाला; प्रबंधक पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों के लिए आवंटित रासायनिक उर्वरक की बड़े पैमाने पर कालाबाज़ारी का मामला सामने आया है, जिसमें बैकुण्ठपुर स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा के गोदाम से 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब पाया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस गायब खाद की अनुमानित कीमत लगभग ₹68 लाख है। मामले के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने के बाद समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्रामीण रामप्रताप साहू ने जनसमस्या निवारण शिविर में शिकायत दर्ज कराई कि किसानों के लिए आने वाली रासायनिक खाद को बिचौलियों के ज़रिए औने-पौने दाम पर बेचा जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि ज़रूरत के वक्त किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही थी, जिससे खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही थी।
यह शिकायत बाद में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष पहुँची, जिसके बाद प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया और मामले ने गंभीर रूप धारण कर लिया।
जाँच में चौंकाने वाले तथ्य
13 मई को कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने समिति के गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जाँच में सामने आया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में गोदाम में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 184.80 मीट्रिक टन खाद ही मिली। इस प्रकार 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब पाया गया।
जाँच रिपोर्ट के अनुसार समिति को यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे उर्वरक किसानों में वितरण के लिए दिए गए थे। आरोप है कि इन उर्वरकों को किसानों तक पहुँचाने के बजाय अवैध तरीके से बिचौलियों को बेच दिया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई
प्रशासनिक जाँच के बाद सबसे पहले समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह को निलंबित किया गया। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई और तेज़ हो गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बैकुण्ठपुर थाने में अखिलचंद सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रात में एक स्थान से 350 बोरी खाद जब्त की गई है और उस मामले में भी कार्रवाई जारी है। गायब खाद की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी जारी है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय सुशासन तिहार के तहत महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कमरौद भी पहुँचे, जहाँ 43 डिग्री तापमान के बावजूद उन्होंने बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएँ सुनीं। इस दौरान मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आम जनता और किसानों पर असर
यह घटना उन किसानों के लिए विशेष रूप से गंभीर है जो बुवाई के मौसम में उर्वरक की उपलब्धता पर निर्भर रहते हैं। कालाबाज़ारी के कारण खाद की कमी ने कोरिया जिले के कृषि उत्पादन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार किसान-कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताती रही है, जिससे इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। आगे की जाँच और छापेमारी के नतीजे यह तय करेंगे कि यह घोटाला केवल एक समिति तक सीमित था या इसके तार और गहरे हैं।