चिदंबरम ने CWC बैठक में SIR की खामियों का खुलासा किया, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे समेत तीन मांगें दोहराईं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बुधवार, 30 सितंबर को स्पष्ट किया कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने नई दिल्ली में हुई अपनी बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गंभीर खामियाँ चिह्नित की हैं और पार्टी की तीन प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से दोहराया है। चिदंबरम के अनुसार, इन मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया का तत्काल निलंबन और मतदाता सूची से हटाए गए 13.30 करोड़ नामों की बहाली शामिल है।
CWC बैठक में क्या हुआ
चिदंबरम ने एक लिखित बयान में कहा, 'मंगलवार को CWC ने SIR में मौजूद विभिन्न खामियाँ पाईं और सही तरीके से तीन मांगें रखीं।' उन्होंने यह भी कहा कि CWC के प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जवाब और CEC का बचाव 'बहुत ही निराशाजनक' है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विपक्षी दलों में SIR की पारदर्शिता को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि CWC स्तर पर चुनावी प्रक्रिया की इतनी केंद्रित आलोचना हाल के वर्षों में कम ही देखी गई है।
नाम हटाने के आधारों पर सवाल
चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि मृत मतदाताओं के नाम हटाने पर कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अन्य आधारों पर हुई कटौती सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा, 'उन्हें 1 जनवरी को होने वाले सामान्य वार्षिक संशोधन के ज़रिए हटाया जा सकता है, लेकिन उन नामों का क्या जिन्हें 'फॉर्म 6 भरने में असमर्थता', 'पते पर न मिलने' या 'तार्किक विसंगति' जैसे निराधार आधारों पर हटा दिया गया?'
उनके अनुसार, SIR के तहत 20 राज्यों में भारत की 14 प्रतिशत वयस्क आबादी को मतदाता सूची से हटाया गया है — एक आँकड़ा जिसे वे 'अभूतपूर्व और अस्वीकार्य' मानते हैं।
पश्चिम बंगाल अपीलों का हवाला
चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल में अपीलों के नतीजों का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, नाम हटाने के खिलाफ दायर 91 प्रतिशत अपीलें न्यायाधीशों ने स्वीकार कर लीं, जिससे प्रभावित लोगों के नाम वापस मतदाता सूची में जोड़े गए। उन्होंने BJP से यह स्पष्ट करने की माँग की कि इतनी बड़ी संख्या में अपीलों की स्वीकृति SIR की प्रक्रिया की विश्वसनीयता के बारे में क्या संकेत देती है।
RTI और फाइल का सवाल
'राष्ट्रीय जन सूचना अधिकार अभियान' (NCPRI) की अंजलि भार्गव की ओर से उठाए गए एक अहम सवाल का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने पूछा कि SIR कराने के मूल फैसले वाली फाइल कहाँ है। उन्होंने कहा, 'अभी और भी कई सवाल हैं। मुझे यकीन है कि अगले कुछ हफ्तों या महीनों में SIR की पूरी प्रक्रिया का खुलासा हो जाएगा।'
इंडिया ब्लॉक की बैठक और आगे की रणनीति
CWC की बैठक के बाद 'इंडिया ब्लॉक' की बुधवार को ही बैठक प्रस्तावित थी। कांग्रेस नेताओं से अपेक्षा है कि वे CWC में उठाए गए मुद्दों — विशेष रूप से SIR की खामियाँ और तीन मांगें — को व्यापक विपक्षी गठबंधन के समक्ष रखेंगे। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि आने वाले हफ्तों में SIR का मुद्दा संसदीय और जन-आंदोलन दोनों स्तरों पर और तीव्र हो सकता है।