चिराग पासवान बोले — इज़रायल-ईरान तनाव से बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, हालात जल्द होंगे सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 23 मई 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के पीछे इज़रायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख कारण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह स्थिति अस्थायी है और अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होते ही ईंधन की कीमतों में राहत मिलेगी।
वैश्विक संकट और ईंधन मूल्य वृद्धि
पासवान ने कहा कि सरकार ने लंबे समय तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास किया, किंतु युद्ध जैसे वैश्विक हालात के चलते यह संभव नहीं रह सका। उनके अनुसार, इज़रायल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति शृंखला को प्रभावित किया है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे जहाँ तक संभव हो, खर्चों में कटौती करें और ऊर्जा की बचत करें। पासवान ने माना कि कीमतों में वृद्धि से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, लेकिन सरकार परेशानी को न्यूनतम रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
जातीय राजनीति पर चिराग की दो-टूक
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए — जिसमें उन्होंने बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के शपथ ग्रहण के बाद हुए एनकाउंटर पर जातीय आधार पर सवाल उठाए थे — पासवान ने कहा कि अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, '21वीं सदी में भी अगर युवा जात-पात और धर्म के आधार पर राजनीति की भाषा बोलते हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है और उसे कानून के अनुसार सज़ा मिलनी चाहिए।' उन्होंने जोड़ा कि समाज को बाँटने वाली राजनीति से देश का नुकसान होता है और युवाओं को विकास तथा राष्ट्रहित की राजनीति अपनानी चाहिए।
परीक्षा प्रणाली की खामियों पर कड़ा रुख
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पासवान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़ी गड़बड़ियाँ गंभीर विषय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा — जाँच और सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
पासवान ने आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब NTA की विश्वसनीयता पर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में स्थिरता आने पर ईंधन दरों में राहत की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, बिहार में जातीय राजनीति और एनकाउंटर विवाद पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस जारी रहने की संभावना है। NTA सुधारों पर सरकार की अगली घोषणा पर भी सभी की नज़र बनी हुई है।