पेट्रोल-डीजल 9 दिनों में तीसरी बार महंगा: उमंग सिंघार बोले, सरकार के पास आर्थिक संकट का कोई हल नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 23 मई 2026 को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में महज 9 दिनों के भीतर तीसरी बार बढ़ोतरी की गई। सिंघार का आरोप है कि सरकार आर्थिक संकट का समाधान खोजने की बजाय जनता को 'ईंधन बचाओ' का उपदेश दे रही है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से घरेलू ईंधन दरें लगातार ऊपर जा रही हैं।
कितनी बार और कितनी बढ़ी कीमतें
ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, पहले चरण में पेट्रोल और डीजल दोनों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। दूसरे चरण में 90 पैसे प्रति लीटर और तीसरे चरण में ₹1 से कम की वृद्धि की गई है। इस प्रकार बीते 10 दिनों में ईंधन दरों में कुल उल्लेखनीय इज़ाफा हो चुका है, जिससे आम उपभोक्ता पर सीधा बोझ पड़ रहा है।
सिंघार का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हो गया है — सिर्फ नौ दिनों में तीसरी बार कीमतें बढ़ा दी गईं। प्रधानमंत्री विदेश दौरों और इवेंट राजनीति में व्यस्त हैं और देश की जनता रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए संघर्ष कर रही है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब दुनिया के कई देश टैक्स घटाकर जनता को राहत दे रहे हैं, तब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार लगातार आम आदमी की जेब पर बोझ डाल रही है।
आम जनता पर असर
सिंघार ने महंगाई की श्रृंखला प्रतिक्रिया को रेखांकित करते हुए कहा कि डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, और उसके बाद सब्ज़ियाँ, राशन, दूध और दवाइयाँ — सब कुछ महंगा होगा। उनके अनुसार, 'आने वाले दिनों में भाजपा सरकार की नीतियों का सीधा असर हर घर की रसोई पर पड़ने वाला है।' विशेषज्ञों के एक वर्ग का भी मानना है कि ईंधन मूल्य वृद्धि खुदरा मुद्रास्फीति को और उकसा सकती है।
विपक्ष की माँग और आगे की राह
सिंघार ने कहा कि 'महंगाई अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं, जनता के धैर्य और मजबूरी की परीक्षा बन चुकी है।' विपक्षी दल सरकार से ईंधन पर करों में कटौती और मूल्य नियंत्रण तंत्र की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के लंबे खिंचने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे घरेलू ईंधन दरों पर दबाव बना रहेगा। सरकार की ओर से अब तक कोई राहत पैकेज या कर-कटौती का संकेत नहीं दिया गया है।