MP में पेट्रोल ₹111 पार: कमलनाथ ने माँगी 10 रुपए प्रति लीटर टैक्स कटौती, UP से 13 रुपए महंगा ईंधन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें एक बार फिर आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता कमलनाथ ने 19 मई को राज्य सरकार से माँग की कि वह पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले राज्य कर में तत्काल कटौती करे, ताकि मध्य प्रदेश की जनता को देश के सबसे महँगे ईंधन का बोझ न उठाना पड़े। उनके अनुसार, मंगलवार से पेट्रोल और डीजल दोनों 90 पैसे प्रति लीटर और महँगे हो गए हैं — एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बढ़ोतरी है।
मध्य प्रदेश में ईंधन की मौजूदा कीमतें
कमलनाथ द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, भोपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹110.75 और डीजल ₹95.91 हो गई है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल ₹110.79 प्रति लीटर, ग्वालियर में ₹110.69 और उज्जैन में ₹111.27 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। डीजल के मामले में उज्जैन में ₹96.40, इंदौर में ₹95.97, जबलपुर में ₹95.98 और ग्वालियर में ₹95.86 प्रति लीटर दर्ज की गई है।
राज्य का टैक्स ढाँचा — असली समस्या
कमलनाथ ने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें नहीं, बल्कि राज्य सरकार का भारी-भरकम कर ढाँचा ही ईंधन को इतना महँगा बना रहा है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29% वैट, ₹2.5 प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क और 1% सेस वसूल रही है। डीजल पर 19% वैट, ₹1.5 प्रति लीटर और 1% सेस लगाया जा रहा है। इस प्रकार, प्रदेश के नागरिक पेट्रोल पर ₹30 से अधिक और डीजल पर ₹20 से अधिक केवल राज्य कर के रूप में चुका रहे हैं।
उत्तर प्रदेश से तुलना और राजस्व नुकसान
कमलनाथ ने बताया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल, उत्तर प्रदेश की तुलना में औसतन ₹13 प्रति लीटर और डीजल ₹4 प्रति लीटर महँगा है। यह मूल्य अंतर इतना बड़ा है कि ट्रक और अन्य भारी वाहन चालक प्रदेश की सीमाओं से बाहर जाकर ईंधन भरवाना बेहतर मान रहे हैं। इसी तरह, सीमावर्ती जिलों के निवासी पड़ोसी राज्यों से ईंधन खरीद रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे मध्य प्रदेश को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है — यानी ऊँचे कर की नीति उल्टी पड़ रही है।
कमलनाथ की माँगें
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से माँग की है कि पेट्रोल और डीजल दोनों पर ₹10 प्रति लीटर की तत्काल कटौती की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स घटाने से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि ईंधन खरीद प्रदेश के भीतर रहने से सरकार का राजस्व भी दीर्घावधि में बेहतर हो सकता है।
आगे क्या
मध्य प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह माँग ऐसे समय आई है जब देशभर में ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर राजनीतिक बहस तेज है और कई राज्य अपने कर ढाँचे की समीक्षा के दबाव में हैं।