MP में पेट्रोल ₹111 पार: कमलनाथ ने माँगी 10 रुपए प्रति लीटर टैक्स कटौती, UP से 13 रुपए महंगा ईंधन

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MP में पेट्रोल ₹111 पार: कमलनाथ ने माँगी 10 रुपए प्रति लीटर टैक्स कटौती, UP से 13 रुपए महंगा ईंधन

सारांश

मध्य प्रदेश में पेट्रोल ₹111 और डीजल ₹96 के पार जा चुका है — एक हफ्ते में दूसरी बढ़ोतरी। कमलनाथ का आरोप है कि असली वजह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार नहीं, बल्कि राज्य का भारी टैक्स ढाँचा है, जो UP से ₹13 ज़्यादा है। माँग है — तत्काल ₹10 प्रति लीटर की कटौती।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 19 मई को मध्य प्रदेश सरकार से पेट्रोल-डीजल पर ₹10 प्रति लीटर टैक्स कटौती की माँग की।
मंगलवार से पेट्रोल और डीजल 90 पैसे प्रति लीटर महँगे हुए — एक सप्ताह में दूसरी वृद्धि।
भोपाल में पेट्रोल ₹110.75 , उज्जैन में ₹111.27 प्रति लीटर; डीजल ₹95.86–₹96.40 के बीच।
मध्य प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29% वैट + ₹2.5 + 1% सेस और डीजल पर 19% वैट + ₹1.5 + 1% सेस वसूल रही है।
मध्य प्रदेश में पेट्रोल, उत्तर प्रदेश से ₹13 और डीजल ₹4 प्रति लीटर महँगा है।
सीमावर्ती जिलों से ईंधन पड़ोसी राज्यों से खरीदे जाने के कारण प्रदेश को राजस्व नुकसान हो रहा है।

मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें एक बार फिर आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता कमलनाथ ने 19 मई को राज्य सरकार से माँग की कि वह पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले राज्य कर में तत्काल कटौती करे, ताकि मध्य प्रदेश की जनता को देश के सबसे महँगे ईंधन का बोझ न उठाना पड़े। उनके अनुसार, मंगलवार से पेट्रोल और डीजल दोनों 90 पैसे प्रति लीटर और महँगे हो गए हैं — एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बढ़ोतरी है।

मध्य प्रदेश में ईंधन की मौजूदा कीमतें

कमलनाथ द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, भोपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹110.75 और डीजल ₹95.91 हो गई है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल ₹110.79 प्रति लीटर, ग्वालियर में ₹110.69 और उज्जैन में ₹111.27 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। डीजल के मामले में उज्जैन में ₹96.40, इंदौर में ₹95.97, जबलपुर में ₹95.98 और ग्वालियर में ₹95.86 प्रति लीटर दर्ज की गई है।

राज्य का टैक्स ढाँचा — असली समस्या

कमलनाथ ने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें नहीं, बल्कि राज्य सरकार का भारी-भरकम कर ढाँचा ही ईंधन को इतना महँगा बना रहा है। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29% वैट, ₹2.5 प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क और 1% सेस वसूल रही है। डीजल पर 19% वैट, ₹1.5 प्रति लीटर और 1% सेस लगाया जा रहा है। इस प्रकार, प्रदेश के नागरिक पेट्रोल पर ₹30 से अधिक और डीजल पर ₹20 से अधिक केवल राज्य कर के रूप में चुका रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से तुलना और राजस्व नुकसान

कमलनाथ ने बताया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल, उत्तर प्रदेश की तुलना में औसतन ₹13 प्रति लीटर और डीजल ₹4 प्रति लीटर महँगा है। यह मूल्य अंतर इतना बड़ा है कि ट्रक और अन्य भारी वाहन चालक प्रदेश की सीमाओं से बाहर जाकर ईंधन भरवाना बेहतर मान रहे हैं। इसी तरह, सीमावर्ती जिलों के निवासी पड़ोसी राज्यों से ईंधन खरीद रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे मध्य प्रदेश को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है — यानी ऊँचे कर की नीति उल्टी पड़ रही है।

कमलनाथ की माँगें

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से माँग की है कि पेट्रोल और डीजल दोनों पर ₹10 प्रति लीटर की तत्काल कटौती की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स घटाने से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि ईंधन खरीद प्रदेश के भीतर रहने से सरकार का राजस्व भी दीर्घावधि में बेहतर हो सकता है।

आगे क्या

मध्य प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह माँग ऐसे समय आई है जब देशभर में ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर राजनीतिक बहस तेज है और कई राज्य अपने कर ढाँचे की समीक्षा के दबाव में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके द्वारा उद्धृत आँकड़े — पेट्रोल पर ₹30 से अधिक राज्य कर और UP से ₹13 का मूल्य अंतर — तथ्यात्मक रूप से सत्यापन योग्य हैं और नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। असली सवाल यह है कि क्या BJP सरकार, जो पहले से ही राजकोषीय दबाव में है, टैक्स कटौती का जोखिम उठा सकती है — या क्या वह राजस्व रिसाव की समस्या को तब तक टालती रहेगी जब तक सीमा-पार ईंधन खरीद एक बड़ी राजनीतिक समस्या न बन जाए। ईंधन कर में कटौती की माँग नई नहीं है, लेकिन जब पड़ोसी राज्यों से मूल्य अंतर इतना बड़ा हो कि वाणिज्यिक वाहन राज्य छोड़कर तेल भरवाएँ, तो यह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि आर्थिक नीति की विफलता का संकेत है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमत क्या है?
19 मई 2026 को हुई बढ़ोतरी के बाद भोपाल में पेट्रोल ₹110.75 और डीजल ₹95.91 प्रति लीटर है। उज्जैन में पेट्रोल सबसे महँगा ₹111.27 और डीजल ₹96.40 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
कमलनाथ ने मध्य प्रदेश सरकार से क्या माँग की है?
कमलनाथ ने माँग की है कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल दोनों पर तत्काल ₹10 प्रति लीटर की टैक्स कटौती करे। उनका कहना है कि इससे जनता को राहत मिलेगी और राज्य का राजस्व रिसाव भी रुकेगा।
मध्य प्रदेश में पेट्रोल उत्तर प्रदेश से कितना महँगा है?
कमलनाथ के अनुसार, मध्य प्रदेश में पेट्रोल उत्तर प्रदेश की तुलना में औसतन ₹13 प्रति लीटर और डीजल ₹4 प्रति लीटर महँगा है। यह अंतर मुख्यतः राज्य के ऊँचे वैट और सेस ढाँचे के कारण है।
मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर कितना राज्य कर लगता है?
मध्य प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29% वैट, ₹2.5 प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क और 1% सेस लगाती है। डीजल पर 19% वैट, ₹1.5 प्रति लीटर और 1% सेस वसूला जाता है, जिससे नागरिक पेट्रोल पर ₹30 से अधिक और डीजल पर ₹20 से अधिक केवल राज्य कर के रूप में चुकाते हैं।
महँगे ईंधन से मध्य प्रदेश को राजस्व नुकसान कैसे हो रहा है?
ट्रक और भारी वाहन चालक मध्य प्रदेश की बजाय पड़ोसी राज्यों से ईंधन भरवा रहे हैं। सीमावर्ती जिलों के निवासी भी बाहर से ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे प्रदेश को वैट और सेस से मिलने वाला राजस्व कम हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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