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क्या चौमूं में धार्मिक स्थल के विवाद के बाद हुई हिंसा की स्थिति तनावपूर्ण है?

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क्या चौमूं में धार्मिक स्थल के विवाद के बाद हुई हिंसा की स्थिति तनावपूर्ण है?

सारांश

राजस्थान के चौमूं में धार्मिक स्थल के बाहर विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है और 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानिए इस घटना के पीछे का सच और प्रशासन की कार्रवाई।

मुख्य बातें

चौमूं में धार्मिक स्थल के विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण है।
पुलिस ने 110 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इंटरनेट सेवा अगले 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई है।
प्रशासन ने चौमूं को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया है।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जयपुर, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के जयपुर के निकट चौमूं कस्बे में शनिवार को एक धार्मिक स्थल के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर उत्पन्न विवाद के चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

इसी बीच, अफवाहों को फैलने से रोकने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए, प्रशासन ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया सेवाओं पर रोक को अगले 24 घंटे के लिए, यानी रविवार सुबह 7 बजे तक के लिए, बढ़ा दिया है।

डिविजनल कमिश्नर पूनम ने पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मिलने के बाद इंटरनेट बंद करने के आदेश जारी किए।

यह बैन, जो शनिवार सुबह 7 बजे समाप्त होने वाला था, संवेदनशील स्थिति को देखते हुए बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी से तनाव और बढ़ सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य बस स्टैंड के पास एक धार्मिक स्थल के पास से पत्थर हटाने और लोहे की रेलिंग और बाउंड्री वॉल लगाने को लेकर हिंसा भड़की थी।

अधिकारियों के अनुसार, सड़क किनारे पड़े पत्थरों को हटाने के लिए एक लोकल कम्युनिटी के साथ समझौता हुआ था। हालांकि, बाद में जब उस जगह पर लोहे की रेलिंग लगाई गई तो तनाव बढ़ गया। जब शुक्रवार को सुबह करीब 3 बजे पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव टीमें उस जगह से, जिसे वे अवैध कब्जा बता रहे थे, हटाने पहुंचीं, तो आरोप है कि भीड़ हिंसक हो गई और पत्थर फेंकने लगी, जिससे छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 11 महिलाओं समेत 110 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पत्थर फेंकने वालों की पहचान के बाद गिरफ्तारियां की गईं। स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शांति बनाए रखने के लिए चौमूं को प्रभावी ढंग से हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है। इलाके में लगातार फ्लैग मार्च किए जा रहे थे। हालांकि बाजार और ट्रैफिक अभी सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन संवेदनशील इलाकों में पुलिस हाई अलर्ट पर है। प्रशासन ने निवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने, अधिकारियों का सहयोग करने और शांति बनाए रखने में मदद करने की अपील की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौमूं में हिंसा का कारण क्या था?
चौमूं में एक धार्मिक स्थल के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद हिंसा भड़की।
इंटरनेट सेवा कब तक बंद रहेगी?
इंटरनेट सेवा अगले 24 घंटे के लिए, यानी रविवार सुबह 7 बजे तक बंद रहेगी।
पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने अब तक 110 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 11 महिलाएं भी शामिल हैं।
क्या प्रशासन ने किसी विशेष कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने चौमूं को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया है और लगातार फ्लैग मार्च कर रहा है।
क्या क्षेत्र में स्थिति सामान्य है?
हालांकि बाजार और ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन संवेदनशील इलाकों में पुलिस हाई अलर्ट पर है।
राष्ट्र प्रेस
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