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क्या चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया? ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता!

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क्या चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया? ऑनलाइन वोट डिलीट नहीं किया जा सकता!

सारांश

भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया है, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन वोट डिलीशन का दावा किया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता को सुनवाई का मौका दिए बिना वोटों को हटाया नहीं जा सकता है। जानें इस मुद्दे पर आयोग का क्या कहना है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया।
ऑनलाइन वोट डिलीट करना संभव नहीं है।
आलंद निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नाम हटाने की जांच चल रही है।

नई दिल्ली, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लगाए गए आरोपों को निराधार और गलत बताते हुए उनका खंडन किया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन वोट को डिलीट करना संभव नहीं है और किसी भी मतदाता को सुनवाई का मौका दिए बिना वोटों को हटाया नहीं जा सकता है।

कांग्रेस सांसद की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने कहा, "किसी भी आम नागरिक के द्वारा किसी भी वोट को ऑनलाइन हटाना संभव नहीं है, जैसा कि राहुल गांधी ने गलत धारणा बनाई है। प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना वोटों को हटाया नहीं जा सकता।"

आलंद निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं के वोट हटाने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया, "2023 में आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के कुछ असफल प्रयास किए गए थे और मामले की जांच के लिए स्वयं चुनाव आयोग की ओर से एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आलंद में चुनाव निष्पक्ष परिणाम दर्शाते हैं, जिसमें 2018 में भाजपा के सुभाध गुट्टेदार और 2023 में कांग्रेस के बीआर पाटिल जीते।"

इससे पहले, राहुल गांधी ने आरोप लगाए कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में शामिल लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक के आलंद और महाराष्ट्र के राजुरा निर्वाचन क्षेत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का इस्तेमाल करके पूरे देश में व्यवस्थित रूप से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक सीआईडी ने पिछले 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 बार पत्र लिखकर मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित तकनीकी विवरण मांगा था, लेकिन चुनाव आयोग ने जानकारी साझा नहीं की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वे जल्द 'वोट चोरी' पर सबूतों का एक 'हाइड्रोजन बम' लेकर आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दी है। यह आवश्यक है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, और किसी भी आरोप को गंभीरता से लिया जाए। तथ्यों को समझना और उनकी पुष्टि करना नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चुनाव आयोग ऑनलाइन वोट को डिलीट कर सकता है?
नहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन वोट को डिलीट करना संभव नहीं है।
राहुल गांधी के आरोपों का चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और गलत बताया है।
क्या आलंद निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नाम हटाने के मामले में कोई जांच हुई है?
हाँ, आलंद निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नाम हटाने के मामले में चुनाव आयोग ने जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज की है।
राष्ट्र प्रेस
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