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CJI से मुलाकात का समय नहीं मिला INDIA गठबंधन को, सपा प्रवक्ता अमीक जामेई का गंभीर आरोप

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CJI से मुलाकात का समय नहीं मिला INDIA गठबंधन को, सपा प्रवक्ता अमीक जामेई का गंभीर आरोप

सारांश

विपक्ष के लिए दरवाजे बंद — चुनाव आयोग सुनने को तैयार नहीं, संसद में चर्चा नहीं और अब CJI से मुलाकात का समय भी नहीं। सपा प्रवक्ता अमीक जामेई के इस आरोप ने SIR विवाद को नई धार दे दी है और लोकतांत्रिक संस्थाओं तक विपक्ष की पहुँच पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के नेताओं को CJI से मुलाकात का समय नहीं दिया गया।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेता CJI से मिलना चाहते थे, पर उन्हें मना किया गया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और पूरी SIR प्रक्रिया रद्द करने की माँग दोहराई।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने BJP पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।
विपक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय से SIR मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने 12 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के नेताओं को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात का समय नहीं दिया गया। यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लगातार अपना विरोध तेज कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए अमीक जामेई ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता CJI से मुलाकात करना चाहते थे, परंतु उन्हें जानकारी दी गई कि मुख्य न्यायाधीश के पास INDIA गठबंधन के नेताओं से मिलने का समय उपलब्ध नहीं है। जामेई ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं और प्रधानमंत्री संसद में इन मुद्दों पर चर्चा से बचते हैं, तो विपक्ष अपनी शिकायतें किसके सामने रखे।

जामेई ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने छात्र आंदोलनों का शुरू से समर्थन किया है। उनके अनुसार, देशभर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक व्यापक आंदोलन आकार ले रहा है, जिस पर दुनिया की नजर है।

कांग्रेस की मांगें

नई दिल्ली में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पूरी SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए और इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। चौधरी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष अपनी सभी माँगें लगातार सामने रख रहा है।

सांसद सुखदेव भगत का बयान

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान में पूरी आस्था रखती है। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने CJI से मुलाकात के लिए समय माँगा था, किंतु यह कहते हुए मना कर दिया गया कि न्यायिक प्रक्रिया पहले से जारी है। भगत ने कहा कि विपक्ष ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए।

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि चुनाव आयोग का मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विपक्षी दलों के निशाने पर लंबे समय से है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से वंचित और हाशिये पर खड़े मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। सपा और कांग्रेस दोनों दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब अगले कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

आगे क्या

विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि यदि CJI से मुलाकात नहीं होती और SIR प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती, तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही पहले से जारी बताई जा रही है, जिसके परिणाम इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

सतह पर एक शिकायत लगती है, लेकिन इसके नीचे एक गहरा संस्थागत संकट छुपा है — विपक्षी दलों को लग रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तीनों स्तंभ — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका — उनकी बात सुनने को तैयार नहीं। SIR विवाद केवल मतदाता सूची का मामला नहीं है, यह इस बात की परीक्षा है कि क्या चुनावी प्रक्रियाओं पर न्यायिक निगरानी वास्तव में सुलभ है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि CJI की 'अनुपलब्धता' सामान्य न्यायिक प्रोटोकॉल है या राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय पर एक सुविधाजनक दूरी — इस सवाल का जवाब देना ज़रूरी है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

INDIA गठबंधन को CJI से मुलाकात का समय क्यों नहीं मिला?
सपा प्रवक्ता अमीक जामेई के अनुसार, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को बताया गया कि CJI के पास INDIA गठबंधन के नेताओं से मिलने का समय उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने यह भी कहा कि उन्हें कहा गया कि न्यायिक प्रक्रिया पहले से जारी है।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?
SIR चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में हाशिये पर खड़े और वंचित मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए जा सकते हैं, जिसे वे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हैं।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग क्यों की है?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल हैं। विपक्ष का मानना है कि चुनाव आयोग विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है और SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण ढंग से लागू की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट से SIR मामले में हस्तक्षेप की अपील क्यों की जा रही है?
विपक्षी दलों का कहना है कि जब संसद में इन मुद्दों पर चर्चा नहीं होती और चुनाव आयोग उनकी बात नहीं सुनता, तो सर्वोच्च न्यायालय ही उनके पास एकमात्र संस्थागत रास्ता बचता है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट से SIR प्रक्रिया पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।
इस विवाद में BJP का क्या पक्ष है?
BJP की ओर से इस विशेष विवाद पर कोई सीधी प्रतिक्रिया स्रोत में दर्ज नहीं है। हालाँकि कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने BJP पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं, जिन पर BJP का जवाब अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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