CJI से मुलाकात का समय नहीं मिला INDIA गठबंधन को, सपा प्रवक्ता अमीक जामेई का गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने 12 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के नेताओं को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात का समय नहीं दिया गया। यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लगातार अपना विरोध तेज कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए अमीक जामेई ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता CJI से मुलाकात करना चाहते थे, परंतु उन्हें जानकारी दी गई कि मुख्य न्यायाधीश के पास INDIA गठबंधन के नेताओं से मिलने का समय उपलब्ध नहीं है। जामेई ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं और प्रधानमंत्री संसद में इन मुद्दों पर चर्चा से बचते हैं, तो विपक्ष अपनी शिकायतें किसके सामने रखे।
जामेई ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने छात्र आंदोलनों का शुरू से समर्थन किया है। उनके अनुसार, देशभर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक व्यापक आंदोलन आकार ले रहा है, जिस पर दुनिया की नजर है।
कांग्रेस की मांगें
नई दिल्ली में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पूरी SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए और इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। चौधरी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष अपनी सभी माँगें लगातार सामने रख रहा है।
सांसद सुखदेव भगत का बयान
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान में पूरी आस्था रखती है। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने CJI से मुलाकात के लिए समय माँगा था, किंतु यह कहते हुए मना कर दिया गया कि न्यायिक प्रक्रिया पहले से जारी है। भगत ने कहा कि विपक्ष ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि चुनाव आयोग का मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विपक्षी दलों के निशाने पर लंबे समय से है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से वंचित और हाशिये पर खड़े मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। सपा और कांग्रेस दोनों दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब अगले कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
आगे क्या
विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि यदि CJI से मुलाकात नहीं होती और SIR प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती, तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही पहले से जारी बताई जा रही है, जिसके परिणाम इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे।