वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर का सीजेपी पर हमला: 'ब्रेनवाश किए बिगड़े बच्चे, असली युवा नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 18 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध विपक्ष तथा सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) द्वारा चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। नायर ने आरोप लगाया कि सड़कें जाम कर अराजकता फैलाना लोकतांत्रिक अधिकार की सीमा से बाहर है और इसके पीछे चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की सुनियोजित साजिश है।
मुख्य आरोप और बयान
नायर ने कहा, 'विश्व हिंदू परिषद ये मानती है कि ये देश की युवा पीढ़ी नहीं हैं। कुछ बिगड़े हुए बच्चे हैं, चाहे वो लड़के हों या लड़की, जिनका ब्रेनवाश किया गया है, जिनको 'भारत तोड़ो गैंग' ने प्रभावित कर रखा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की असली युवा शक्ति देश निर्माण, सांस्कृतिक संरक्षण और औद्योगिक विकास में संलग्न है, न कि इस प्रकार के आंदोलनों में।
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन से जुड़े कुछ प्रतिभागी खुद को बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित बताते हैं। नायर ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रेरणा लेनी ही है तो उन शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों से लेनी चाहिए जहाँ संवैधानिक मर्यादाएँ सुदृढ़ हैं।
गृह मंत्रालय से कार्रवाई की माँग
नायर ने भारत के गृह मंत्रालय से माँग की कि सड़क जाम कर व्यापार ठप करने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा कदम उठाया जाए कि भविष्य में कोई भी देश में अराजकता फैलाने का साहस न कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ तत्व जानबूझकर चुनी हुई सरकार के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं और आम नागरिकों व व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं।
विपक्ष पर निशाना
नायर ने बंगाल चुनाव के परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दल उस हार के बाद बौखलाए हुए हैं। उनके अनुसार, विपक्ष ने विपक्ष में रहते हुए भी कोई जिम्मेदाराना कार्य नहीं किया, जिसके कारण जनता ने उन्हें नकार दिया। उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाना और सरकार को अस्थिर करना ही इन दलों का एकमात्र एजेंडा बन गया है।
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ नागरिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं।
लोकतंत्र और 2029 का संदर्भ
नायर ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार का सभी को सम्मान करना चाहिए। यदि कोई सरकार की नीतियों से असहमत है तो 2029 में आने वाले आम चुनावों में मतदान के जरिये बदलाव लाने का संवैधानिक मार्ग उपलब्ध है, जैसे 2014 में मतदाताओं ने सरकार बदली थी। उन्होंने कहा, 'यह भारत है और यह बांग्लादेश कभी नहीं बनेगा।'
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कोई ठोस कदम उठाता है और विपक्ष इन आरोपों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देता है।