13 अगस्त 2026
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हम्पी के लिए 'क्लीन एंड ग्रीन' अभियान: कर्नाटक सरकार ने कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

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हम्पी के लिए 'क्लीन एंड ग्रीन' अभियान: कर्नाटक सरकार ने कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

सारांश

कर्नाटक सरकार ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी को स्वच्छ, हरित और पर्यटक-अनुकूल बनाने के लिए 'क्लीन एंड ग्रीन हम्पी' अभियान की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। HWHAMA क्षेत्र में प्लास्टिक प्रतिबंध और 'हम्पी नूक प्रोजेक्ट' के तहत नई सुविधाओं का प्रस्ताव भी इसमें शामिल है।

मुख्य बातें

कर्नाटक पर्यटन विभाग ने 13 अगस्त 2026 को 'क्लीन एंड ग्रीन हम्पी' अभियान के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पर्यटन मंत्री के.जे.
जॉर्ज के निर्देश पर पर्यटन सचिव राम प्रसाद मनोहर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
HWHAMA की सीमा में प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी।
हम्पी विकास प्राधिकरण को सफाई और रखरखाव के लिए समर्पित एजेंसी नियुक्त करने की निविदा प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
'हम्पी नूक प्रोजेक्ट' के तहत नए शौचालय परिसर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश।
अभियान में पर्यटकों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम तैयार होंगे।

कर्नाटक पर्यटन विभाग ने 13 अगस्त 2026 को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'क्लीन एंड ग्रीन हम्पी' अभियान के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए। यह पहल पर्यटन एवं ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज के निर्देशों के बाद शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य हम्पी को केवल पर्यटन गंतव्य नहीं, बल्कि एक संरक्षित, स्वच्छ और हरित विरासत स्थल के रूप में स्थापित करना है।

मुख्य घटनाक्रम

पर्यटन सचिव राम प्रसाद मनोहर ने हम्पी विकास प्राधिकरण और विजयनगर के उपायुक्त को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्देश दिए कि पर्यटकों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के साथ एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी ऐतिहासिक धरोहर स्थल की स्वच्छता केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं हो सकती — इसमें समाज की साझेदारी अनिवार्य है।

बैठक में पर्यटन विभाग के आयुक्त शिवप्रसाद पी.आर., विजयनगर की उपायुक्त कविता एस. मणिकेरे, हम्पी विश्व धरोहर क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (HWHAMA) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों ने भाग लिया।

अभियान की प्रमुख प्राथमिकताएँ

हम्पी विकास प्राधिकरण को पूरे विरासत क्षेत्र में सफाई और रखरखाव के लिए एक समर्पित एजेंसी नियुक्त करने की निविदा प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, HWHAMA की सीमा के भीतर प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐतिहासिक संरचनाओं और प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा की जा सके।

विरुपाक्ष मंदिर के निकट स्थित शौचालय परिसर की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए उपायुक्त से 'हम्पी नूक प्रोजेक्ट' के तहत नए शौचालय परिसर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि हम्पी की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए इसे स्वच्छ, हरित और पर्यटक-अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने अभियान में आम जनता और पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

पर्यटन सचिव मनोहर ने कहा, 'क्लीन एंड ग्रीन हम्पी को केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि ऐसी जन मुहिम बनाया जाए जिसमें पर्यटक और आम जनता सक्रिय रूप से भाग लें। स्वच्छता, प्लास्टिक नियंत्रण और बुनियादी ढाँचे के रखरखाव को शामिल करते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू किया जाएगा।'

आम जनता और पर्यटकों पर असर

अधिकारियों को पर्यटकों और आगंतुकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करने वाले जागरूकता कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हम्पी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि हम्पी 1986 से यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है और विजयनगर साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी रहा है।

क्या होगा आगे

निविदा प्रक्रिया, प्लास्टिक प्रतिबंध के क्रियान्वयन और 'हम्पी नूक प्रोजेक्ट' के तहत नए शौचालय परिसर के प्रस्ताव की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। आने वाले हफ्तों में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब इस विश्व धरोहर स्थल की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सरकारी स्तर पर निर्देश जारी किए गए हों। असली परीक्षा निविदा प्रक्रिया, प्लास्टिक प्रतिबंध के क्रियान्वयन और जागरूकता कार्यक्रमों की समयबद्धता में है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थलों पर भारत की प्रबंधन प्रतिबद्धताएँ अंतरराष्ट्रीय समीक्षा के दायरे में आती हैं — इसलिए कार्ययोजना को केवल घोषणा तक सीमित न रखकर मापनीय परिणामों से जोड़ना अनिवार्य होगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'क्लीन एंड ग्रीन हम्पी' अभियान क्या है?
यह कर्नाटक पर्यटन विभाग द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसमें प्लास्टिक प्रतिबंध, समर्पित सफाई एजेंसी की नियुक्ति और जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
हम्पी में प्लास्टिक प्रतिबंध कैसे लागू होगा?
HWHAMA की सीमा के भीतर प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका क्रियान्वयन हम्पी विकास प्राधिकरण और विजयनगर के उपायुक्त की देखरेख में होगा, हालाँकि विस्तृत समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
'हम्पी नूक प्रोजेक्ट' क्या है?
यह बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए हम्पी में नए शौचालय परिसरों के निर्माण की प्रस्तावित योजना है। विजयनगर के उपायुक्त से इस परियोजना के तहत नए परिसर का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस अभियान में आम जनता की भूमिका क्या होगी?
अधिकारियों को पर्यटकों और आगंतुकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करने वाले जागरूकता कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि यह अभियान केवल सरकारी पहल न रहे, बल्कि एक जन मुहिम बने।
हम्पी यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में कब से है?
हम्पी को 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह विजयनगर साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी रही है और कर्नाटक के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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