नीति आयोग बैठक में CM माझी ने रखा ओडिशा का विकास एजेंडा, फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में मिला देश में पहला स्थान
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में राज्य की विकास यात्रा, मानव संसाधन विकास और सुशासन से जुड़ी प्रमुख पहलों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का विषय 'विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास' था।
ओडिशा की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में ओडिशा की आर्थिक विकास दर 7.9 प्रतिशत रही, जबकि राजकोषीय घाटा और ऋण स्तर एफआरबीएम (FRBM) मानकों के भीतर बनाए रखा गया। उल्लेखनीय रूप से, नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 में ओडिशा को देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ओडिशा, प्रधानमंत्री मोदी के 'पूर्वोदय' विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
शिक्षा और बाल विकास की पहलें
मुख्यमंत्री ने बच्चों के शुरुआती विकास को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चे के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास जीवन के पहले दो वर्षों में होता है। इसी को ध्यान में रखकर सुखद लालन-पालन, आमे पढ़िबा आमा भाषारे, मो विकास पत्र, आरोहण, सक्षम आंगनवाड़ी और विद्या-सार्थी जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा आमा कुनी पिला, शिशु वाटिका, प्रवेश उत्सव, खड़ी छुआं, गोदाबरिश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय, मुख्यमंत्री पोषण योजना, शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना, मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का भी उल्लेख किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बच्चों की शिक्षा और विकास की निगरानी के लिए किया जाएगा — जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कौशल विकास और उच्च शिक्षा
माझी ने बताया कि ओडिशा अपनी कौशल विकास प्रणाली को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रहा है। आईटीआई का आधुनिकीकरण, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई लैब, पीएम सेतु क्लस्टर और वर्ल्ड स्किल सेंटर का विस्तार इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उच्च शिक्षा में 1.5 लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है।
खेल, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति
मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम निर्माण, एग्रीस्टैक आधारित डिजिटल फसल सर्वेक्षण और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। 'आमा साथी' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई तकनीक के ज़रिए शासन और जन-सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तीव्र और प्रभावी बनाया जा रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया कि 'विकसित ओडिशा' का विजन तीन स्तंभों — समावेशिता, समृद्धि और स्वास्थ्य-शिक्षा आधारित कल्याण — पर टिका है। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक अवसंरचना से विकसित भारत नहीं बनेगा, बल्कि शिक्षित बच्चे, स्वस्थ परिवार, कुशल युवा और समान अवसर ही असली नींव हैं। राज्य सरकार उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।