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नीति आयोग बैठक में CM माझी ने रखा ओडिशा का विकास एजेंडा, फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में मिला देश में पहला स्थान

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नीति आयोग बैठक में CM माझी ने रखा ओडिशा का विकास एजेंडा, फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में मिला देश में पहला स्थान

सारांश

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में CM माझी ने ओडिशा को 'पूर्वोदय' विजन का अग्रदूत बताया — 7.9% विकास दर, फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में देश में पहला स्थान और 1.5 लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप डिग्री कार्यक्रम। भौतिक ढाँचे से आगे मानव विकास को केंद्र में रखने का स्पष्ट संदेश।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में ओडिशा की विकास पहलें प्रस्तुत कीं।
वर्ष 2025-26 में ओडिशा की आर्थिक विकास दर 7.9 प्रतिशत रही; राजकोषीय घाटा FRBM मानकों के भीतर।
नीति आयोग फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 में ओडिशा को देशभर में पहला स्थान मिला।
उच्च शिक्षा में 1.5 लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम शुरू।
राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत AI से बच्चों की शिक्षा और विकास की निगरानी की जाएगी।
बैठक का विषय 'विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास' था; अध्यक्षता PM मोदी ने की।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में राज्य की विकास यात्रा, मानव संसाधन विकास और सुशासन से जुड़ी प्रमुख पहलों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का विषय 'विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास' था।

ओडिशा की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में ओडिशा की आर्थिक विकास दर 7.9 प्रतिशत रही, जबकि राजकोषीय घाटा और ऋण स्तर एफआरबीएम (FRBM) मानकों के भीतर बनाए रखा गया। उल्लेखनीय रूप से, नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 में ओडिशा को देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ओडिशा, प्रधानमंत्री मोदी के 'पूर्वोदय' विजन को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

शिक्षा और बाल विकास की पहलें

मुख्यमंत्री ने बच्चों के शुरुआती विकास को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चे के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास जीवन के पहले दो वर्षों में होता है। इसी को ध्यान में रखकर सुखद लालन-पालन, आमे पढ़िबा आमा भाषारे, मो विकास पत्र, आरोहण, सक्षम आंगनवाड़ी और विद्या-सार्थी जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा आमा कुनी पिला, शिशु वाटिका, प्रवेश उत्सव, खड़ी छुआं, गोदाबरिश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय, मुख्यमंत्री पोषण योजना, शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना, मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का भी उल्लेख किया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बच्चों की शिक्षा और विकास की निगरानी के लिए किया जाएगा — जो डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कौशल विकास और उच्च शिक्षा

माझी ने बताया कि ओडिशा अपनी कौशल विकास प्रणाली को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रहा है। आईटीआई का आधुनिकीकरण, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई लैब, पीएम सेतु क्लस्टर और वर्ल्ड स्किल सेंटर का विस्तार इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उच्च शिक्षा में 1.5 लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है।

खेल, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम निर्माण, एग्रीस्टैक आधारित डिजिटल फसल सर्वेक्षण और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। 'आमा साथी' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई तकनीक के ज़रिए शासन और जन-सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तीव्र और प्रभावी बनाया जा रहा है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया कि 'विकसित ओडिशा' का विजन तीन स्तंभों — समावेशिता, समृद्धि और स्वास्थ्य-शिक्षा आधारित कल्याण — पर टिका है। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक अवसंरचना से विकसित भारत नहीं बनेगा, बल्कि शिक्षित बच्चे, स्वस्थ परिवार, कुशल युवा और समान अवसर ही असली नींव हैं। राज्य सरकार उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये योजनाएँ — एआई निगरानी से लेकर इंटर्नशिप डिग्री तक — ज़मीनी स्तर पर मापने योग्य परिणाम देती हैं। 'विकसित ओडिशा' का तीन-स्तंभीय विजन प्रभावशाली है, पर राज्य में आदिवासी और तटीय जिलों में मानव विकास सूचकांक अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है। उद्योग-शिक्षा साझेदारी की बात नई नहीं है — परीक्षा यह होगी कि 1.5 लाख इंटर्नशिप सीटें वास्तविक रोज़गार में कितनी तब्दील होती हैं। नीति आयोग की बैठक में प्रस्तुति एक राजनीतिक अवसर भी है, और इसे केवल उपलब्धि-सूची से आगे जाकर जवाबदेही के ढाँचे से जोड़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में ओडिशा ने क्या प्रस्तुत किया?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और एआई-आधारित सुशासन से जुड़ी प्रमुख पहलें प्रस्तुत कीं। उन्होंने ओडिशा की 7.9% विकास दर और फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में देश में पहले स्थान की जानकारी भी दी।
नीति आयोग फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 में ओडिशा को कौन-सा स्थान मिला?
नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 में ओडिशा को देशभर में पहला स्थान मिला है। राज्य ने राजकोषीय घाटा और ऋण स्तर को FRBM मानकों के भीतर बनाए रखते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
ओडिशा में बाल विकास के लिए कौन-सी योजनाएँ चलाई जा रही हैं?
ओडिशा में सुखद लालन-पालन, आमे पढ़िबा आमा भाषारे, मो विकास पत्र, आरोहण, सक्षम आंगनवाड़ी और विद्या-सार्थी जैसी योजनाएँ संचालित हैं। राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत AI तकनीक से बच्चों की शिक्षा और विकास की निगरानी भी की जाएगी।
ओडिशा के कौशल विकास कार्यक्रम में क्या नया है?
ओडिशा में आईटीआई का आधुनिकीकरण, एआई लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, पीएम सेतु क्लस्टर और वर्ल्ड स्किल सेंटर का विस्तार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा में 1.5 लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
'विकसित ओडिशा' विजन के तीन प्रमुख स्तंभ क्या हैं?
मुख्यमंत्री माझी के अनुसार 'विकसित ओडिशा' विजन समावेशिता, समृद्धि और स्वास्थ्य-शिक्षा आधारित कल्याण — इन तीन स्तंभों पर आधारित है। उनका मानना है कि केवल भौतिक अवसंरचना नहीं, बल्कि शिक्षित बच्चे, स्वस्थ परिवार और कुशल युवा ही वास्तविक विकास की नींव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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