कुकरू हिल स्टेशन के लिए ₹150 करोड़ का एकीकृत पर्यटन सर्किट, सीएम मोहन यादव ने रखा विकास का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 जून 2026 को बैतूल जिले के कुकरू हिल स्टेशन के दौरे के दौरान ₹150 करोड़ के एकीकृत पर्यटन सर्किट की घोषणा की, जो कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को एक सूत्र में जोड़ेगा। यह योजना इस क्षेत्र को प्राकृतिक सौंदर्य और ईको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी पहल है।
पर्यटन सर्किट में क्या शामिल है
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुकरू में ईको-टूरिज्म सुविधाएँ, सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए विशेष व्यूपॉइंट, आधुनिक बुनियादी ढाँचा और ट्रैकिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स विकसित किए जाएंगे। स्थानीय आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए होम-स्टे स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तर्ज पर होगा और बुकिंग मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के माध्यम से की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
'कुकरू नेचुरल' ब्रांड और स्थानीय उत्पाद
महिला स्वयं सहायता समूहों और वन विभाग के सहयोग से 'कुकरू नेचुरल' ब्रांड के तहत प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। इनके माध्यम से कॉफी, कोदो-कुटकी, आँवला, शहद, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली और भिलवा जैसे स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण और विपणन किया जाएगा। घी, मावा और दही जैसे डेयरी उत्पादों की बिक्री के लिए भी अलग केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, कॉफी बोर्ड के तकनीकी सहयोग से रोबस्टा और अरेबिका कॉफी की खेती और प्रसंस्करण के लिए ₹10 करोड़ की परियोजना भी शुरू की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कृषि-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की माँग लंबे समय से उठती रही है।
बुनियादी ढाँचा और अन्य घोषणाएँ
ग्रामीणों की माँग पर कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की भी घोषणा की गई, जिनमें सड़क निर्माण, पुल निर्माण, छात्रावास, वेलनेस सेंटर और उचित मूल्य की दुकान की स्थापना शामिल है। पशुपालकों के लिए उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने, पशु शेड के निर्माण और जल संरक्षण के लिए ₹5 करोड़ की लागत से तालाब बनाने की भी योजना है। स्थानीय युवाओं को पर्यटन, आतिथ्य सेवा तथा ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सीएम का दौरा और अन्य गतिविधियाँ
मुख्यमंत्री ने दिन की शुरुआत विश्राम गृह परिसर में योग सत्र से की, जिसमें मयूरासन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन और शलभासन सहित नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत करते हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के विकास के लिए बजट और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि यह घोषणा मध्य प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के कम-चर्चित पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की कोशिश की जा रही है।