10 अगस्त 2026
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सीएम विजय का विपक्ष पर हमला: 'पार्टी फंड' की लूट वापस होगी, सरकार जनता के भरोसे चलती है

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सीएम विजय का विपक्ष पर हमला: 'पार्टी फंड' की लूट वापस होगी, सरकार जनता के भरोसे चलती है

सारांश

तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय ने विपक्ष के उस दावे को सीधे खारिज किया कि उनकी सरकार किसी की मेहरबानी से चल रही है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि 'पार्टी फंड' के नाम पर लूटी गई राशि राज्य के खजाने में वापस लाई जाएगी — और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी को भी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिलेगी।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय ने 23 जून 2026 को कहा कि सरकार जनता के भरोसे चल रही है, किसी गठबंधन सहयोगी की मेहरबानी से नहीं।
विजय ने दावा किया कि विभिन्न विभागों में 'पार्टी फंड' के नाम पर हड़पी गई राशि राज्य के खजाने में वापस लाई जा रही है — जैसा TASMAC मामले में हुआ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन में वही भागीदार हो सकते हैं जो ईमानदारी की शर्त पर खरे उतरें; भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए सत्ता में कोई स्थान नहीं।
विजय ने बताया कि उनकी कैबिनेट में चार महिलाओं को मंत्री पद दिया गया है, जो महिला प्रतिनिधित्व का दावा करने वाले विपक्ष पर सीधा निशाना है।
CPI(M) और CPI दोनों ने माना है कि उनका समर्थन स्वतंत्र निर्णय था — विजय ने इसी आधार पर 'हमने उन्हें सत्ता में भेजा' वाले दावे को खारिज किया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 23 जून 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी गठबंधन सहयोगी की मेहरबानी पर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के बल पर चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विभिन्न सरकारी विभागों में 'पार्टी फंड' के नाम पर जो राशि हड़पी गई थी, उसे राज्य के खजाने में वापस लाया जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान में कहा, 'ठीक वैसे ही जैसे तमिलनाडु राज्य विपणन निगम लिमिटेड (TASMAC) के मामले में हुआ, हम उस पैसे को राज्य के खजाने में वापस ला रहे हैं जिसे अलग-अलग विभागों में 'पार्टी फंड' के नाम पर लूटा गया था।' उन्होंने कहा कि सरकार जनता के धन का एक पैसा भी नहीं छुएगी और न ही किसी और को छूने देगी। विजय ने चेतावनी दी कि जो भी ऐसा करेगा, चाहे वह अतीत में हुआ हो या भविष्य में, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

गठबंधन दावों पर पलटवार

विपक्ष के उस दावे पर कि 'हमने ही उन्हें सत्ता में भेजा है', मुख्यमंत्री ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी — दोनों ने खुद स्वीकार किया है कि उनका समर्थन एक स्वतंत्र निर्णय था। विजय ने सवाल उठाया कि यदि यह स्वतंत्र निर्णय था, तो 'हमने उन्हें सत्ता में भेजा' वाला दावा कहाँ से आता है। उन्होंने कहा, 'जनता सब कुछ बहुत ध्यान से देख रही है।'

महिला प्रतिनिधित्व और विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो दल खुद को महिलाओं का रक्षक बताते हैं, उन्होंने अपनी कैबिनेट में कितनी महिलाओं को जगह दी — यह जनता जानती है। उन्होंने बताया कि उनकी कैबिनेट में चार महिलाओं को मंत्री पद दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण और प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं।

डॉ. अंबेडकर के सपने का उल्लेख

विजय ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी उल्लेख किया और कहा कि उनका सौ साल पुराना सपना अब पूरा हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार में वही दल भागीदारी के योग्य हैं जो ईमानदारी और नैतिकता की शर्त पर खरे उतरते हों — भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए सत्ता में हिस्सेदारी का कोई स्थान नहीं।

आगे की राजनीतिक दिशा

मुख्यमंत्री विजय के इस बयान को तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन की शर्तों को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यह देखना होगा कि विपक्षी दल और सहयोगी पार्टियाँ इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं और राज्य में 'पार्टी फंड' की कथित वसूली की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि कितनी राशि वास्तव में खजाने में लौटती है और किन अधिकारियों या नेताओं पर कार्रवाई होती है। गठबंधन राजनीति में 'ईमानदारी की शर्त' को पात्रता मानदंड बनाना एक नई रणनीति है — लेकिन इसकी व्याख्या का अधिकार अभी सरकार के पास ही है, जो जवाबदेही की दृष्टि से एक कमज़ोर कड़ी बनी रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम विजय ने 'पार्टी फंड' को लेकर क्या दावा किया है?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा है कि सरकारी विभागों में 'पार्टी फंड' के नाम पर जो राशि हड़पी गई थी, उसे राज्य के खजाने में वापस लाया जा रहा है। उन्होंने TASMAC मामले को इसकी मिसाल बताया और कहा कि जनता के पैसे को कोई नहीं छू सकता।
विजय ने किस आधार पर कहा कि सरकार किसी की मेहरबानी से नहीं चलती?
विजय ने तर्क दिया कि CPI(M) और CPI — दोनों ने खुद स्वीकार किया है कि उनका समर्थन एक स्वतंत्र निर्णय था। इसलिए 'हमने उन्हें सत्ता में भेजा' वाला दावा निराधार है और सरकार जनता के जनादेश पर टिकी है।
तमिलनाडु की विजय सरकार में महिला मंत्रियों की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि उनकी कैबिनेट में चार महिलाओं को मंत्री पद दिया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसा जो महिला सशक्तिकरण का दावा करते हैं लेकिन अपनी कैबिनेट में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देते।
विजय ने गठबंधन सरकार में भागीदारी के लिए क्या शर्त रखी है?
मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि गठबंधन में केवल वही दल या नेता भागीदार हो सकते हैं जो ईमानदारी और नैतिकता की शर्त पर खरे उतरते हों। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए सत्ता या शासन में कोई हिस्सेदारी नहीं होगी।
डॉ. अंबेडकर के सपने का उल्लेख विजय ने क्यों किया?
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सौ साल पुराना सपना अब पूरा हो रहा है। यह संदर्भ सामाजिक न्याय और समावेशी शासन के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए दिया गया, हालाँकि उन्होंने विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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