तमिलनाडु CM विजय का संकेत: DMK शासनकाल की तीन विभागों की 'अनियमितताओं' पर होगा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार, 19 अगस्त को विधानसभा में स्पष्ट संकेत दिया कि पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के कार्यकाल में तीन विभागों में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ी फाइलें उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सही समय पर सबूतों के साथ इन मामलों को सार्वजनिक किया जाएगा।
विधानसभा में क्या हुआ
यह विवाद चेन्नई में तमिलनाडु विधानसभा के उस सत्र के दौरान उभरा जब जल संसाधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज, पर्यटन, तथा कला एवं संस्कृति विभागों के लिए अनुदान की माँगों पर चर्चा चल रही थी। DMK विधायक आई. पेरियासामी ने ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिसके जवाब में मंत्री एन. आनंद ने तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सरकार के कामकाज का बचाव किया।
विपक्ष की चुनौती और सरकार का जवाब
बहस तब और तीखी हो गई जब DMK सदस्यों ने सत्तारूढ़ दल से पूर्व मंत्रियों पर लगाए गए आरोपों के दस्तावेजी सबूत माँगे। विपक्ष ने सवाल किया कि क्या सरकार के पास कोई ठोस प्रमाण है।
इस पर सरकार की ओर से सदन को बताया गया कि वित्त मंत्री पहले ही तीन विभागों से जुड़ी जाँची गई फाइलों का उल्लेख कर चुके हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि ये फाइलें अब मुख्यमंत्री की मेज पर हैं और इनमें कथित अनियमितताओं के साक्ष्य दर्ज हैं।
सीएम विजय का सीधा बयान
बहस में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि शुरू में उनका इस विषय पर बोलने का इरादा नहीं था, लेकिन विपक्ष द्वारा बार-बार सबूत माँगे जाने के कारण उन्हें जवाब देना पड़ा। उन्होंने कहा, "एक हफ्ते पहले, जब वित्त मंत्री ने सदन में बात की थी, तो उन्होंने कहा था कि जिन तीन विभागों की जाँच की गई थी, उनसे जुड़ी फाइलें मेरी मेज पर हैं। अब विपक्ष सबूत माँग रहा है।"
उन्होंने यह भी जोड़ा, "मैं बोलूंगा। ऐसा नहीं है कि मैं चुप रहूंगा।" साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जल्दबाजी में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगी — जो भी सामने लाया जाएगा, वह सही तरीके से और प्रमाणों के साथ होगा।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन जानता है कि लोगों से कब, क्या और कैसे बात करनी चाहिए। उन्होंने मतदाताओं के भरोसे का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने TVK के वादों पर विश्वास कर उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ सत्ता सौंपी है। उन्होंने आने वाले उपचुनावों का संदर्भ देते हुए संकेत दिया कि खुलासे का समय रणनीतिक रूप से चुना जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में TVK और DMK के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और राज्य विधानसभा में विपक्ष सरकार पर जवाबदेही का दबाव बना रहा है। आने वाले हफ्तों में इन फाइलों को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।