अयोध्या में सीएम योगी ने वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा का अनावरण किया, लाभार्थियों को सौंपे चेक-चाबी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को अयोध्या के कामाख्या धाम में वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने मां कामाख्या धाम स्मारिका का विमोचन भी किया और अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
मां कामाख्या धाम में पूजन-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कामाख्या के दर्शन-पूजन किए और चरणों में शीश झुकाकर आराधना की। इसके पश्चात उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। झलकारी बाई रानी लक्ष्मीबाई की सेना की वीर महिला योद्धा थीं, जिनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय माना जाता है।
लाभार्थियों को वितरित किए गए लाभ
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को चेक, चाबी और स्वीकृति पत्र प्रदान किए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गायत्री देवी को 525 समूहों की सीसीएल धनराशि के रूप में ₹7.87 करोड़ का चेक और शीला देवी को 500 समूहों की सीसीएल धनराशि के रूप में ₹7.50 करोड़ का चेक सौंपा गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अनुज यादव को ₹5 लाख, विनीता को ₹4.43 लाख और सत्येंद्र को ₹2.60 लाख के चेक प्रदान किए गए। ओडीओपी (ODOP) योजना के अंतर्गत अनूप सिंह और भाग्यलक्ष्मी सिंह को ₹25-25 लाख के चेक दिए गए।
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत किरण और शिवानी को आवास की चाबियाँ सौंपी गईं, जबकि पीएम सूर्य घर योजना के तहत गुलाब चंद्र कौशल और भीष्म नारायण को स्वीकृति पत्र दिए गए। विद्युत सखी कार्यक्रम के अंतर्गत पिंकी यादव और राजेश्वरी को थर्मल प्रिंटर प्रदान किए गए।
कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लाभार्थी
कृषि क्षेत्र में खुशीराम और लल्लन प्रसाद को वर्मी कम्पोस्ट खाद की किट दी गई, जबकि रामप्यारे और शंकर लाल को कृषि यंत्र की चाबियाँ सौंपी गईं। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत राजबख्श सिंह और रामयश को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए।
अयोध्या विकास की झलक
कार्यक्रम में अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें शहर में हो रहे अवसंरचना विकास और पर्यटन संबंधी परियोजनाओं की जानकारी दी गई। यह आयोजन अयोध्या में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का प्रतीक रहा।