SIR पर CM योगी का समर्थन: 'अपात्र नाम हटाना भारत की सुरक्षा के लिए ज़रूरी', युवाओं से नाम जुड़वाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 अक्टूबर 2026 को भारत निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का खुलकर समर्थन किया — ऐसे समय में जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशभर में विपक्षी प्रदर्शन जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों को नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है।
एक्स पोस्ट में क्या लिखा CM योगी ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत युगों से लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अपनी लोकतांत्रिक विरासत को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन आवश्यक है।
अपनी पोस्ट में आगे योगी ने जोड़ा, 'सभी जागरूक मतदाता ध्यान रखें कि मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है।'
युवाओं से खास अपील
मुख्यमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं से विशेष आग्रह किया। उन्होंने लिखा, 'मेरी अपील है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे प्रत्येक युवा साथी अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। आइए, शुद्ध, सशक्त और पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।' यह अपील ऐसे समय में अहम है जब SIR प्रक्रिया को लेकर आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन रही है।
विपक्ष के आरोप और राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सहित अनेक विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध देशभर में आंदोलनरत हैं। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बीते दिन प्रदर्शन हुआ। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के ज़रिए मतदाता सूची से विशेष वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक लाभ पहुँचाया जा रहा है।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनावों की निष्पक्षता से समझौता किया है और SIR को तत्काल रद्द करने की माँग की है। हालाँकि, सत्तापक्ष ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
SIR प्रक्रिया क्या है
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एक व्यापक मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान है, जिसका उद्देश्य मृत, स्थानांतरित एवं डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाना और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावी चक्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी पहले से तेज़ है।
आगे क्या होगा
CM योगी के बयान के बाद यह विवाद और गहरा होने की संभावना है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह अपना आंदोलन जारी रखेगा, जबकि सत्तापक्ष SIR को लोकतंत्र-सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक आवश्यक कदम बताता रहेगा। निर्वाचन आयोग की अगली प्रतिक्रिया और सर्वोच्च न्यायालय में इस मसले पर चल रही किसी भी कार्यवाही पर सभी की नज़रें टिकी हैं।