सीडब्ल्यूसी बैठक में चुनाव आयोग विवाद पर रणनीति, मीरा कुमार बोलीं — सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की नई दिल्ली में 29 सितंबर 2026 को हुई बैठक से पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर पार्टी की अगली रणनीति इसी बैठक में तय की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े बदलावों को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव चरम पर है।
मीरा कुमार और प्रकाश जोशी के तीखे बयान
मीरा कुमार ने कहा, 'सीडब्ल्यूसी की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी और बाकी चीजों पर 'इंडिया' ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, उन्हें हटाना बहुत जरूरी है।' पश्चिम बंगाल के लिए एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने भी ज्ञानेश कुमार की आलोचना करते हुए कहा कि 'वे जिस तरह की हरकतें लगातार कर रहे थे, वे देशद्रोह की श्रेणी में आती हैं। उन पर न सिर्फ मुकदमा चलना चाहिए, बल्कि उन्हें जेल में होना चाहिए।' गौरतलब है कि जोशी का यह बयान अब तक के सबसे तीखे राजनीतिक हमलों में से एक है।
सीडब्ल्यूसी बैठक में कौन शामिल
इस अहम बैठक में सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। खड़गे ने पहले ही कहा है कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई चिंताओं ने आयोग के कामकाज की पोल खोल दी है और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य है।
विवाद की जड़ — एसआईआर और वोटर लिस्ट में बदलाव
कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के एसआईआर, 'फॉर्म 6' में बदलावों, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया, और वोटर लिस्ट डेटाबेस पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई हैं। यह विवाद आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बाद और गहरा गया। 26 सितंबर को आयोग ने स्पष्ट किया था कि देशव्यापी एसआईआर आदेश को तीनों आयुक्तों — सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी — की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी।
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने विपक्ष की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि किसी संस्था के भीतर चर्चा के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य बात है। आयोग का यह भी कहना है कि उसके सभी आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं और उन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है। आयोग ने यह भी कहा कि फॉर्म 6 से जुड़े बदलावों को सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया था।
आगे की रणनीति — इंडिया ब्लॉक की बैठक
विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक बुधवार 30 सितंबर को होने की उम्मीद है, जिसमें इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति तय की जाएगी। सीईसी को हटाने की माँग को लेकर संसद में एक और नोटिस दिए जाने की भी संभावना है। यह मुद्दा आगामी चुनावी चक्र से पहले विपक्षी एकता की परीक्षा भी बन सकता है।