प्रमोद तिवारी का तंज: कांग्रेस मुख्यालय को खाली करने का नोटिस है लोकतंत्र के खिलाफ
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस मुख्यालय को खाली करने का नोटिस जारी हुआ।
- प्रमोद तिवारी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन बताया।
- कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।
- सरकार पर एलपीजी की कमी को लेकर भी सवाल उठाए गए।
- विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास हो रहा है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के २४ अकबर रोड पर स्थित कांग्रेस मुख्यालय को खाली करने का नोटिस मिलने से सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रमोद तिवारी ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
प्रमोद तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में एलपीजी की कमी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा का दावा है कि देश में सब कुछ ठीक है, जबकि जमीनी हकीकत इससे भिन्न है। उनके अनुसार, गांवों और शहरों में एलपीजी की घातक कमी है, खासकर नवरात्र और ईद जैसे त्योहारों के समय।
उन्होंने बताया कि विपक्ष इस मामले में संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगा और जनता की आवाज उठाएगा। भाजपा हमेशा से जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करती रही है, यह कोई नई बात नहीं है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि पहले ११ अशोक रोड और पंत मार्ग के कार्यालयों को खाली कराया गया और अब २४ अकबर रोड को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस न तो दबेगी और न ही चुप बैठेगी।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी के दो कार्यालयों, अकबर रोड और यूथ कांग्रेस ऑफिस को नोटिस मिला है। देश की असली प्राथमिकता महंगाई, एलपीजी की कमी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इनसे ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा, "एक राष्ट्रीय पार्टी के दफ्तर का खाली करने का नोटिस जारी करना गलत है। पार्टी की सभी गतिविधियां फिलहाल वहीं से संचालित हो रही हैं और हमारे सभी कार्यकर्ता नियमित रूप से उस जगह आते-जाते रहते हैं। इस प्रकार की कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।"
दिल्ली में कांग्रेस को अपने पुराने दफ्तर यानी २४ अकबर रोड बंगले को खाली करने का नोटिस मिला है। सूत्रों के अनुसार, इंदिरा भवन में नया दफ्तर शिफ्ट होने के बाद से कांग्रेस ने इस पुराने बंगले को खाली नहीं किया था। यहां पार्टी की गतिविधियां पहले की तरह चल रही हैं। इसके अलावा कांग्रेस को यूथ कांग्रेस के ऑफिस ५ रायसीना रोड को भी खाली करने का नोटिस मिला है।