भाजपा नेता प्रेम शुक्ला का दावा: असम और पश्चिम बंगाल में बनेगी भाजपा सरकार
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने का विश्वास जताया।
- दक्षिण भारत में भी भाजपा के विस्तार की संभावना है।
- विपक्ष के अफवाहों का भाजपा ने विरोध किया।
- निर्वाचन आयोग के निर्णयों का उद्देश्य निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
- कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग को लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े किए गए।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा है कि असम और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की सरकार का निर्माण होगा। उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए यह भी उल्लेख किया कि दक्षिण भारत में भाजपा का विस्तार देखने को मिलेगा। पुडुचेरी और तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनेगी, और केरल में भाजपा अपने सीटों की संख्या बढ़ाएगी।
कांग्रेस नेता नाना पटोले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र के इतिहास का ज्ञान नहीं है और उन्हें इसे पढ़ना चाहिए। चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह चुनाव कब कराएगा और परिणाम कब जारी करेगा। कांग्रेस के नेताओं को अपना इतिहास भी सही से नहीं पता है।
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर संसद में हो रहे हंगामे पर भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष अफवाहें फैलाकर अराजकता उत्पन्न करना चाहता है। भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हाल ही में होर्मुज से दो जहाज लौटे हैं, फिर भी विपक्ष अफवाहें फैलाने में लगा हुआ है। असल में, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता खुद जमाखोरी कर रहे हैं और जनता को परेशान कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा बंगाल में मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने के निर्णय पर प्रेम शुक्ला ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए ऐसे निर्णय लिए जाते हैं। सीएम ममता बनर्जी के अधिकारियों की हटाने का उद्देश्य निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग पर उन्होंने कहा कि कांशीराम दलितों के बीच एक सम्मानित नेता थे। कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया और कांशीराम के निधन पर शोक भी नहीं जताया। समाजवादी पार्टी, जो कांशीराम का नाम ले रही है, ने उनके नाम पर बने जिले का नाम भी बदल दिया था। राहुल गांधी द्वारा कांशीराम को भारत रत्न की मांग करना केवल एक दिखावा है।