महंगाई पर BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का पलटवार: 'कांग्रेस मुद्दा विहीन, मोदी सरकार हर मोर्चे पर सक्रिय'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने 24 अगस्त को देहरादून में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकारें मिलकर महंगाई पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
महंगाई पर BJP का रुख
भट्ट ने कहा, 'कांग्रेस अब बिना किसी मुद्दे वाली पार्टी बन गई है। जब उनके पास कोई असली मुद्दा नहीं होता, तो महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे नारे विरोध के लिए आम हो जाते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि उत्तराखंड की जनता भलीभाँति समझती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महंगाई को काबू करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, कुछ वस्तुओं के महंगे होने की स्थिति में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर त्वरित कदम उठाती हैं।
रेवंत रेड्डी के अमेरिकी दौरे पर प्रतिक्रिया
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को केंद्र सरकार की अनुमति न मिलने के कारण अपना अमेरिकी दौरा रद्द करना पड़ा। रेड्डी 20 अगस्त को ब्रिटेन रवाना हुए थे और वहाँ से अमेरिका जाने का उनका कार्यक्रम था। इस पर भट्ट ने कहा, 'मुख्यमंत्री विदेश यात्रा कर सकते हैं, लेकिन अगर यात्रा बिना किसी स्पष्ट एजेंडे या राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों के बिना होती है, तो ऐसी यात्रा को उचित नहीं माना जा सकता।' उन्होंने कहा कि यदि यात्रा 'सिर्फ पिकनिक के लिए' हो, तो अनुमति देना संभव नहीं है।
वंदे मातरम विवाद पर BJP का विरोध
भट्ट ने बताया कि सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्य रूप से कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम के कथित अनादर के विरोध में थी। उनके अनुसार, आरोप है कि कांग्रेस ने 15 अगस्त को अपने राज्य कार्यालय में इस राष्ट्रगीत का अनादर किया और अपनी कार्य समिति के एक प्रस्ताव के माध्यम से यह तय किया कि वे यह गीत नहीं गाएंगे अथवा केवल इसका एक अंश ही गाएंगे। भट्ट ने कहा, 'हम वंदे मातरम को देश की एकता और अखंडता का प्रतीक गीत मानते हैं।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि महंगाई का मुद्दा विपक्ष के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख हथियार बना हुआ है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे 'नारेबाजी' करार देता आया है। आने वाले समय में दोनों दलों के बीच यह वाकयुद्ध और तेज होने की संभावना है।