चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी: PM मोदी से 17 मुद्दों पर माँगेंगे जवाब, दौरे का विरोध नहीं
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लकी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे का पार्टी विरोध नहीं करेगी, लेकिन कांग्रेस 17 अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री से जवाब माँगेगी। उन्होंने 17 जुलाई को कहा कि यदि पार्टी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन का विरोध करती है, तो जनता में यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस विकास-विरोधी है।
बेरोज़गारी सबसे बड़ा मुद्दा
लकी के अनुसार, इन 17 मुद्दों में सबसे प्रमुख मुद्दा बेरोज़गारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2 करोड़ लोगों को रोज़गार देने का वादा किया था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, अब तक चंडीगढ़ के 24,000 लोगों को प्रतिवर्ष रोज़गार मिलना चाहिए था, परंतु किसी को एक भी पक्की नौकरी नहीं मिली। ठेकेदारी प्रथा के कारण कामगारों का शोषण जारी है।
महँगाई और ईंधन के दाम
कांग्रेस अध्यक्ष ने महँगाई को दूसरा बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध की आड़ में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए, लेकिन युद्ध थमने के बाद भी दाम कम नहीं किए गए। कमर्शियल गैस और खाद्य पदार्थों के मूल्य में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता परेशान है।
हाउसिंग, किसान और शहरी समस्याएँ
लकी ने हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया और माँग की कि दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी वन टाइम सेटलमेंट की सुविधा दी जाए। किसानों के हितों की अनदेखी, लैंड पुलिंग का मुद्दा, अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की माँग, और शहर में भारी ट्रैफिक के कारण मेट्रो की ज़रूरत — ये सभी मुद्दे उन्होंने उठाए। पार्किंग की समस्या और उद्योग से जुड़े सवाल भी उनकी सूची में शामिल हैं।
नगर निगम पर आरोप
लकी ने नगर निगम में लगातार घोटालों का आरोप लगाया और कहा कि नागरिकों पर टैक्स का अनुचित बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने माँग की कि नगर निगम को वित्तीय शक्तियाँ दी जाएँ और शहर में पाँच साल के कार्यकाल के लिए स्थायी मेयर की व्यवस्था की जाए।
पिछले विरोध और अब की रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान चंडीगढ़ आए थे, तब पार्टी ने नीट पेपर लीक के विरोध में काले झंडे दिखाए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर काले गुब्बारे और काले कपड़े पहनकर विरोध किया गया था। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए आ रहे हैं, इसलिए कांग्रेस सड़क पर उतरकर विरोध नहीं करेगी — बल्कि जनता के वाजिब सवालों का जवाब माँगेगी।