कांग्रेस ने चुनाव आयोग से केरल में मतदान के विस्तृत आंकड़े जारी करने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को पत्र लिखकर ९ अप्रैल को हुए केरल विधानसभा चुनावों के विस्तृत और प्रामाणिक आंकड़ों के प्रकाशन में हो रही देरी पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की भी मांग की।
सोमवार को मीडिया को भेजे गए पत्र में, सतीशन ने बताया कि मतदान समाप्त होने के तीन दिन बाद भी चुनाव आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान डेटा, मतदान प्रतिशत और डाक मतपत्रों के आंकड़ों सहित व्यापक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी का शीघ्र प्रसार और सार्वजनिक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखा जा सके।
विपक्षी नेता ने चेतावनी दी कि सत्यापित आंकड़ों को सार्वजनिक करने में किसी भी प्रकार की देरी से पहले से ही बारीकी से निगरानी किए जा रहे चुनाव में अनिश्चितता उत्पन्न हो सकती है। सटीक आंकड़ों तक समय पर पहुंच सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण है, चाहे वे राजनीतिक प्रतिनिधि हों, शोधकर्ता हों या आम नागरिक।
वहीं, आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, २७.१ करोड़ मतदाताओं में से कुल ७८.०३ प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसमें ७५.०१ प्रतिशत पुरुष मतदाता और महिलाओं में ८०.८६ प्रतिशत मतदान शामिल है, जबकि तीसरे लिंग के ५७.०४ प्रतिशत मतदाताओं ने भी चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया।
राज्य विधानसभा के १४० विधायकों के चुनाव के लिए ९ अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसकी मतगणना ४ मई को होगी।
उच्च मतदाता भागीदारी और मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध केरल में एक बार फिर भारी मतदान दर्ज किया गया है। हालाँकि, विस्तृत आंकड़ों के प्रकाशन में देरी अब चर्चा का विषय बन गई है, जिससे चुनाव के बाद की चर्चा में प्रक्रियात्मक पहलू जुड़ गया है।
मतगणना का दिन नजदीक आने के साथ ही ध्यान इस बात पर केंद्रित होने की संभावना है कि चुनाव आयोग उठाई गई चिंताओं पर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है और क्या आने वाले दिनों में संपूर्ण डेटासेट उपलब्ध कराया जाएगा।