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विश्व स्तनपान सप्ताह 2025: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताईं सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन, माँ-शिशु दोनों को मिलेगा फायदा

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विश्व स्तनपान सप्ताह 2025: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताईं सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन, माँ-शिशु दोनों को मिलेगा फायदा

सारांश

विश्व स्तनपान सप्ताह पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर माताओं को सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन की जानकारी दी। क्रैडल होल्ड, साइड-लाइंग और लेड-बैक जैसे तरीके माँ को दर्द से राहत और शिशु को बेहतर पोषण दे सकते हैं।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्तनपान सप्ताह (अगस्त 2025) पर सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन की जानकारी साझा की।
सही पोजीशन से माँ को कमर, गर्दन और कंधों के दर्द में राहत मिलती है और निप्पल में घाव का जोखिम कम होता है।
क्रैडल होल्ड और क्रॉस-क्रैडल होल्ड नवजात शिशुओं के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती हैं।
साइड-लाइंग पोजीशन सिजेरियन डिलीवरी के बाद या रात के समय स्तनपान के लिए बेहतर विकल्प है।
परेशानी होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्तनपान सलाहकार से परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए बताया कि सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन अपनाने से न केवल शिशु को पर्याप्त पोषण मिलता है, बल्कि माँ को कमर, गर्दन और कंधों के दर्द से भी राहत मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्तनपान कराने का तरीका उतना ही ज़रूरी है जितना स्तनपान कराना स्वयं।

स्तनपान की सही पोजीशन क्यों ज़रूरी है

विशेषज्ञों का कहना है कि सही पोजीशन में स्तनपान कराने से बच्चे को स्तन पकड़ने में आसानी होती है, जिससे निप्पल में दर्द या घाव होने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके साथ ही शिशु को दूध का प्रवाह भी बेहतर तरीके से मिलता है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब नवजात शिशु की पोषण संबंधी ज़रूरतें सबसे अधिक होती हैं।

मुख्य ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन

क्रैडल होल्ड सबसे प्रचलित तरीका है, जिसमें शिशु माँ की बांह पर आराम से लेटा रहता है और उसका सिर माँ की कोहनी के पास टिका होता है। क्रॉस-क्रैडल होल्ड में माँ दूसरी बांह से शिशु के सिर और गर्दन को सहारा देती है — यह विधि विशेष रूप से नवजात शिशुओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

लेड-बैक पोजीशन में माँ हल्का पीछे की ओर झुककर बैठती है और शिशु उसके सीने पर लेटकर स्वाभाविक रूप से स्तन पकड़ने की कोशिश करता है। यह विधि शिशु की प्राकृतिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करती है।

साइड-लाइंग पोजीशन उन माताओं के लिए विशेष रूप से सहायक है जिन्हें आराम की आवश्यकता हो — विशेषकर सिजेरियन डिलीवरी के बाद या रात के समय। इसमें माँ और शिशु दोनों एक-दूसरे की ओर करवट लेकर लेटते हैं। रिक्लाइनिंग पोजीशन में माँ अर्ध-लेटी हुई अवस्था में रहती है और शिशु उसके सीने से सटा होता है।

विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर माँ और शिशु की शारीरिक ज़रूरतें भिन्न होती हैं, इसलिए कोई एक पोजीशन सभी के लिए उपयुक्त नहीं होती। जो तरीका माँ और शिशु दोनों के लिए सर्वाधिक आरामदायक हो, वही अपनाना श्रेयस्कर है।

कब लें विशेषज्ञ की मदद

यदि स्तनपान कराने के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई हो — जैसे शिशु का ठीक से दूध न पीना, दर्द होना या दूध का कम आना — तो बिना संकोच नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सक या स्तनपान सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए। समय पर सही मार्गदर्शन माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए निर्णायक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और ज़मीनी स्तर पर स्तनपान सलाहकारों की उपलब्धता के बीच की खाई अभी भी गहरी है। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित लैक्टेशन काउंसलर की भारी कमी है, जहाँ सबसे अधिक माताओं को इस जानकारी की ज़रूरत है। विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल आता है, लेकिन नीतिगत प्रतिबद्धता बिना ठोस ज़िला-स्तरीय क्रियान्वयन के केवल डिजिटल अभियान तक सिमटी रहती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व स्तनपान सप्ताह कब मनाया जाता है?
विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह (1 से 7 अगस्त) में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य माताओं को स्तनपान के महत्व और सही तरीकों के बारे में जागरूक करना है।
स्तनपान के लिए सबसे अच्छी पोजीशन कौन-सी है?
विशेषज्ञों के अनुसार कोई एक पोजीशन सभी के लिए उपयुक्त नहीं होती। क्रैडल होल्ड सबसे आम है, जबकि नवजात शिशुओं के लिए क्रॉस-क्रैडल होल्ड और सिजेरियन डिलीवरी के बाद साइड-लाइंग पोजीशन बेहतर मानी जाती है।
सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन न अपनाने से क्या नुकसान हो सकता है?
गलत पोजीशन में स्तनपान कराने से माँ को कमर, गर्दन और कंधों में दर्द हो सकता है और निप्पल में दर्द या घाव होने की संभावना बढ़ जाती है। शिशु को भी पर्याप्त दूध नहीं मिल पाता।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्तनपान के लिए कौन-सी पोजीशन सही है?
सिजेरियन डिलीवरी के बाद साइड-लाइंग पोजीशन सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें माँ और शिशु दोनों एक-दूसरे की ओर करवट लेकर लेटते हैं। इससे माँ के पेट पर दबाव नहीं पड़ता और स्तनपान आरामदायक रहता है।
स्तनपान में परेशानी होने पर क्या करें?
यदि शिशु ठीक से दूध नहीं पी रहा, दर्द हो रहा हो या दूध कम आ रहा हो, तो नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सक या प्रशिक्षित स्तनपान सलाहकार से तुरंत परामर्श लेना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस विषय में बिना संकोच मदद लेने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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