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मैट्रिमोनियल ऐप पर अधिकारी बनकर नर्स से ₹15 लाख की ठगी, पुरी पुलिस ने साइबर ठग को दबोचा

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मैट्रिमोनियल ऐप पर अधिकारी बनकर नर्स से ₹15 लाख की ठगी, पुरी पुलिस ने साइबर ठग को दबोचा

सारांश

मैट्रिमोनियल ऐप पर 'सरकारी अधिकारी' बनकर नर्स को जाल में फँसाया, ₹13 लाख से अधिक का कर्ज उसके नाम पर लिया और टोयोटा कार व हवाई सफर पर उड़ाया — पुरी पुलिस ने जब इस ठग को पकड़ा तो 12 राज्यों में फ्रीज खाते और अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

मुख्य बातें

बलभद्र प्रसाद मिश्रा (44) को पुरी पुलिस ने गिरफ्तार किया; आरोप है कि उसने भारत मैट्रिमोनी ऐप पर छत्तीसगढ़ सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बनकर एक नर्स से ₹15 लाख से अधिक की ठगी की।
आरोपी ने महिला के नाम पर SBI, HDFC बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में तीन खाते खुलवाकर ₹13 लाख से अधिक का ऋण स्वीकृत कराया और राशि निकाल ली।
पुलिस ने आरोपी के पास से 14 बैंक पासबुक, 9 चेकबुक, 17 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और 6 मोबाइल फोन बरामद किए।
आरोपी के 12 बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फ्रीज; संबलपुर, शहीद नगर, एयरपोर्ट और लिंगराज थानों में पहले से मामले दर्ज हैं।
एसपी प्रतीक सिंह ने कहा कि अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर अंतरराज्यीय नेटवर्क की जाँच की जाएगी।

पुरी जिले की पुलिस ने 19 अक्टूबर 2026 को एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जिसने भारत मैट्रिमोनी ऐप पर खुद को छत्तीसगढ़ सरकार का अतिरिक्त सचिव स्तर का वरिष्ठ अधिकारी बताकर एक नर्स से ₹15 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की। आरोपी की पहचान बलभद्र प्रसाद मिश्रा (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ओडिशा के अंगुल जिले के मटियासाही इलाके का रहने वाला है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपी मिश्रा ने भारत मैट्रिमोनी ऐप पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़ित नर्स से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसके साथ घनिष्ठ संबंध बना लिए। विश्वास जीतने के बाद उसने महिला की बहन को नौकरी दिलाने का झाँसा देकर पैसे ऐंठना शुरू किया। जब महिला को संदेह होने लगा, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे केबीके क्षेत्र में तबादले की धमकी देकर दबाव बनाया।

पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत पर 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम एवं आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन, पुरी में मामला दर्ज किया गया।

बैंक खाते खुलवाकर ₹13 लाख से अधिक का ऋण

आरोपी ने महिला पर दबाव डालकर उसके नाम पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में तीन बैंक खाते खुलवाए। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि इन खातों के ज़रिये उसके नाम पर ₹13 लाख से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, और यह पूरी राशि आरोपी ने कथित तौर पर निकाल ली थी।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब मैट्रिमोनियल ऐप्स के ज़रिये साइबर ठगी के मामलों में देशभर में तेज़ी देखी जा रही है। ऐसे प्रकरणों में आरोपी पहले भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं, फिर वित्तीय शोषण करते हैं — एक पैटर्न जिसे साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ 'रोमांस फ्रॉड' कहते हैं।

ठगी की रकम से आलीशान जीवनशैली

जाँच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम से एक टोयोटा कार खरीदी, महँगे होटलों में ठहरा और नियमित रूप से हवाई यात्राएँ करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 14 बैंक पासबुक, 9 चेकबुक, 17 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, 6 मोबाइल फोन और ₹10,000 नकद बरामद किए हैं।

पहले से दर्ज हैं कई मामले, अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका

गौरतलब है कि आरोपी मिश्रा के खिलाफ पहले से संबलपुर, शहीद नगर, एयरपोर्ट और लिंगराज थाना क्षेत्रों में धोखाधड़ी एवं जालसाजी के मामले दर्ज हैं। आगे की जाँच में यह भी सामने आया कि उसके 12 बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फ्रीज किए जा चुके हैं, जिससे अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह चलाने की आशंका और गहरी हो गई है।

एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि पुलिस अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर यह पता लगाएगी कि आरोपी ने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया, उसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।

आगे क्या होगा

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जाँच जारी है। अन्य राज्यों में भी पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। साइबर विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह देते हैं कि मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर किसी अपरिचित के साथ वित्तीय लेनदेन करने से पहले उसकी पहचान सरकारी स्तर पर अवश्य सत्यापित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित अंतरराज्यीय ऑपरेशन था — फिर भी वह लंबे समय तक सक्रिय रहा। असली सवाल यह है कि भारत मैट्रिमोनी जैसे प्लेटफॉर्म्स सरकारी पद के दावों को सत्यापित क्यों नहीं करते, और इस खामी को भरने के लिए नियामकीय जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी में मैट्रिमोनियल ऐप ठगी का मामला क्या है?
पुरी पुलिस ने बलभद्र प्रसाद मिश्रा को गिरफ्तार किया है, जिसने भारत मैट्रिमोनी ऐप पर खुद को छत्तीसगढ़ सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर एक नर्स से ₹15 लाख से अधिक की ठगी की। उसने महिला के नाम पर तीन बैंक खाते खुलवाए और ₹13 लाख से अधिक का ऋण निकाल लिया।
आरोपी बलभद्र प्रसाद मिश्रा कौन है?
बलभद्र प्रसाद मिश्रा 44 वर्षीय व्यक्ति है जो ओडिशा के अंगुल जिले के मटियासाही इलाके का रहने वाला है। उसके खिलाफ संबलपुर, शहीद नगर, एयरपोर्ट और लिंगराज थाना क्षेत्रों में पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस को अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका क्यों है?
जाँच में सामने आया कि आरोपी के 12 बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फ्रीज किए जा चुके हैं और उसके पास से 14 बैंक पासबुक, 17 डेबिट-क्रेडिट कार्ड व 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। यह सब मिलकर एक व्यापक अंतरराज्यीय नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं।
मैट्रिमोनियल ऐप पर इस तरह की ठगी से कैसे बचें?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सरकारी पद संबंधी पहचान को आधिकारिक सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें। ऑनलाइन परिचित के आग्रह पर अपने नाम पर बैंक खाते खुलवाने या किसी को पैसे भेजने से बिल्कुल बचें।
इस मामले में पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
एसपी प्रतीक सिंह के अनुसार पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय कर आरोपी के पूरे नेटवर्क की जाँच करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने कितनी महिलाओं को शिकार बनाया और गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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