दादा माजरा डंपिंग ग्राउंड: AAP नेता प्रेम गर्ग बोले — जहरीली मीथेन गैस से चंडीगढ़वासियों को खतरा
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ के दादा माजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड अब स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) की कोर कमेटी के अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने 22 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कूड़े के इस पहाड़ से निकलने वाली मीथेन गैस आसपास की आबोहवा को जहरीला बना रही है और प्रशासन की लापरवाही स्थिति को और विकराल बना रही है।
मौजूदा स्थिति और खतरे का स्तर
गर्ग ने पत्रकारों को बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन जानबूझकर डंपिंग ग्राउंड के पास किया गया, ताकि आम जनता यह महसूस कर सके कि वे किस स्तर के खतरे के बीच जी रहे हैं। उनके अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एक सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि डंपिंग ग्राउंड में 10 से 12 मीटर गहराई तक कूड़ा अभी भी दबा हुआ है। इस दबे हुए कूड़े से मीथेन गैस उत्पन्न हो रही है, जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं के साथ मिलकर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
गर्ग ने स्पष्ट किया कि यदि इस लेगेसी वेस्ट को समय रहते नहीं निकाला गया, तो उससे उत्पन्न मीथेन — जो एक अत्यंत जहरीली और ज्वलनशील गैस है — आसपास के आवासीय इलाकों तक पहुँच सकती है, जिससे स्वास्थ्य संकट और विस्फोट का खतरा दोनों बढ़ जाएंगे।
कोर्ट में हलफनामे पर गंभीर आरोप
गर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने न्यायालय में बार-बार हलफनामा दाखिल कर यह दावा किया है कि कूड़ा हटा दिया गया है, जबकि ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। उनके अनुसार, यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है और इस दौरान झूठे बयान देना न्यायिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
₹70 करोड़ के ठेके पर सवाल
AAP नेता ने बताया कि लेगेसी वेस्ट हटाने का ₹70 करोड़ का ठेका दो कंपनियों को दिया गया था। इस ठेके का उद्देश्य था कि दबे हुए कूड़े को बाहर निकालकर उसे पुनः उपयोगी बनाया जाए। हालांकि, गर्ग के अनुसार, नगर निगम की ओर से कोई भी पर्यवेक्षक (सुपरवाइज़र) तैनात नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कितने ट्रक कूड़ा वास्तव में हटाया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बायो-सेल की बिक्री से प्राप्त राशि — जो नगर निगम को मिलनी थी — आखिर कहाँ गई।
इससे पहले AAP ने ₹70-75 लाख की लागत से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन गर्ग के अनुसार, बाद में उस DPR को भी रद्द कर दिया गया, जिससे उस पर लगाई गई राशि पूरी तरह व्यर्थ हो गई।
भाजपा पर निशाना और भविष्य की चुनौतियाँ
गर्ग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अब भाजपा के पास इस समस्या से निपटने का कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्यपाल के दौरे हुए और कई संयंत्रों का उद्घाटन किया गया, लेकिन वास्तव में एक भी संयंत्र अभी तक सुचारू रूप से नहीं चल रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डंपिंग ग्राउंड की भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण — चाहे क्रिकेट ग्राउंड हो या कोई अन्य प्रतिष्ठान — तब तक संभव नहीं है जब तक लेगेसी वेस्ट पूरी तरह नहीं हटाया जाता। उनके अनुसार, मिट्टी डालकर ऊपर से ढक देना कोई समाधान नहीं है, बल्कि यह समस्या को और जटिल बना देता है।
आगे की राह
गर्ग के अनुसार, अब पूरी प्रक्रिया सिरे से शुरू करनी होगी, जो न केवल समय-साध्य होगी बल्कि अतिरिक्त संसाधनों की भी माँग करेगी। उन्होंने माँग की कि भाजपा अपना स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक करे और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो दादा माजरा और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों का स्वास्थ्य संकट में पड़ सकता है।