दनकौर कॉलेज जमीन विवाद: छात्रों ने तोड़ी बाउंड्रीवॉल, पुलिस ने रोका निर्माण कार्य
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में स्थित बिहारी लाल एंग्लो संस्कृत हाई स्कूल एसोसिएशन इंटर कॉलेज की जमीन पर 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को कथित अवैध निर्माण कार्य शुरू होने के बाद जमकर विवाद हो गया। स्कूल प्रबंधन और छात्रों ने विरोध में उतरकर निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुँचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, थाना दनकौर क्षेत्र के ग्राम नवादा निवासी दो व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर जमीन खरीदी गई थी। बुधवार को उन्हीं की ओर से विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। जैसे ही इसकी सूचना कॉलेज प्रधानाचार्य और प्रबंधक को मिली, उन्होंने आपत्ति जताई और पुलिस को सूचित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर जमा हो गए और निर्माण के लिए बनाई जा रही बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही पीआरवी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर निर्माण कार्य फिलहाल रुकवाया और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। छात्रों को भी समझाकर वापस स्कूल भेजा गया।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
प्रबंधक मनोज गोयल ने जिलाधिकारी को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया कि कॉलेज की इमारत गाटा संख्या 1702, 1703, 1704 और 1705 में स्थित है। प्रबंधन का दावा है कि स्कूल भवन का निर्माण करीब 78 वर्ष पहले, अर्थात् वर्ष 1948 से भी पहले हुआ था, और 1948 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता मिली थी।
प्रबंधन के अनुसार, कॉलेज से जुड़े कृषि विद्यालय की जमीन गाटा संख्या 364, रकबा 12-19-0 खतौनी में कृषि विद्यालय के नाम दर्ज है। वर्ष 1992 में चकबंदी अधिकारी की अदालत में वाद संख्या 1154 के तहत बिहारी लाल एंग्लो संस्कृत हाई स्कूल एसोसिएशन बनाम ग्राम सभा दनकौर मामले में आदेश भी पारित हो चुका है। प्रबंधन का कहना है कि संबंधित आदेश और भूलेख उनके पक्ष में हैं और वे दस्तावेज अधिकारियों को उपलब्ध कराने को तैयार हैं।
पूर्व की घटनाएँ और आरोप
यह विवाद नया नहीं है। प्रबंधन का आरोप है कि 19 सितंबर 2026 की रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने कृषि विद्यालय की जमीन पर बनी बाउंड्री तोड़कर जबरन कब्जे का प्रयास किया था। उस रात ही पुलिस और अधिकारियों को सूचित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने कब्जे की कोशिश रोकी, लेकिन बाउंड्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके बाद 22 सितंबर को राजे प्रधान निवासी नवादा और रवि नागर निवासी जुनेदपुर, दनकौर कुछ अन्य लोगों के साथ विद्यालय पहुँचे और कथित तौर पर प्रधानाचार्य महकार सिंह को धमकी दी कि दो दिन बाद वे दोबारा निर्माण कार्य शुरू करेंगे। इसी धमकी के अनुक्रम में 7 अक्टूबर को दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया, जिससे विवाद एक बार फिर उभर आया।
गौरतलब है कि कॉलेज परिसर में करीब 74 दुकानें भी बनी हुई हैं, जिनकी देखरेख स्कूल एसोसिएशन द्वारा की जाती है — जो इस भूमि की व्यावसायिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टियों से संवेदनशीलता बढ़ाती है।
कानूनी स्थिति
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, विवादित भूमि को लेकर पहले से ही उपजिलाधिकारी दादरी की अदालत में वाद विचाराधीन है। ऐसे में न्यायालय में मामला लंबित रहते हुए निर्माण कार्य शुरू किए जाने को प्रबंधन ने सीधी चुनौती माना।
आगे क्या होगा
पुलिस ने राजस्व विभाग को भी मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया है। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और शांति व्यवस्था कायम बताई जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने जिलाधिकारी से क्षतिग्रस्त बाउंड्री को पुलिस सुरक्षा में दोबारा बनवाने और कथित कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की माँग की है। इस विवाद का अंतिम निपटारा अब न्यायालय और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।