दिल्ली साइबर ठगी: केयरटेकर ने बुजुर्ग का क्रेडिट कार्ड चुराया, ₹9.58 लाख की धोखाधड़ी में तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली साइबर थाना पुलिस ने 27 मई 2026 को ₹9.58 लाख की क्रेडिट कार्ड ठगी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी ने बुजुर्ग पीड़ित के यहाँ नर्सिंग अटेंडेंट के रूप में काम करते हुए उनके इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराई और सोने के सिक्के खरीदकर लाखों रुपए हड़प लिए। पुलिस ने कार्रवाई में करीब 50 ग्राम वजन के चार सोने के सिक्के भी बरामद किए हैं।
मामला कैसे आया सामने
मधुबन एन्क्लेव निवासी कृष्णा गुप्ता ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि उनके इंडसइंड बैंक क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति कई ट्रांजैक्शन किए गए, जिससे उन्हें ₹9,58,051 का नुकसान हुआ। शिकायत के आधार पर 14 मई 2026 को साइबर थाना ईस्ट में बीएनएस की धाराओं 318(4), 303(2), 317(2) और 361(2) के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
जाँच टीम और तकनीकी कार्रवाई
एसीपी ऑपरेशन पवन कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें डब्ल्यूएसआई रिंकी, हेड कांस्टेबल कुलदीप, हेड कांस्टेबल पारस और डब्ल्यूएचसी पूनम शामिल थे। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जाँच, फील्ड सर्विलांस और दिल्ली व उत्तर प्रदेश स्थित ज्वेलरी दुकानों के खरीदारी रिकॉर्ड की पड़ताल की।
आरोपियों की भूमिका और गिरफ्तारी
जाँच में सामने आया कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार पीड़ित के घर में केयरटेकर के रूप में तैनात था। उसने भरोसे का फायदा उठाकर बिना अनुमति क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल की और उसी से सोने के सिक्के खरीदे। इस साजिश में उसने अपने भाई निकिल कुमार को भी शामिल किया, जो नेटवर्क में हैंडलर की भूमिका निभा रहा था।
तीसरा आरोपी यश शर्मा नजफगढ़ (दिल्ली) और मेरठ (उत्तर प्रदेश) स्थित ज्वेलरी दुकानों पर जाकर खुद को कार्ड का असली उपयोगकर्ता बताकर चोरी की गई कार्ड डिटेल्स से सोने के सिक्के खरीदता था। तीनों आरोपी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके के शक्ति गार्डन, साबोली के निवासी हैं।
बरामदगी और आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कुल करीब 55 ग्राम सोना खरीदा था, जिसमें से 50 ग्राम वजन के चार सिक्के बरामद कर लिए गए हैं। एक अन्य सिक्के और अपराध से जुड़ी शेष रकम की बरामदगी के लिए जाँच जारी है।
पुलिस की सलाह
पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि ओटीपी, पिन, सीवीवी और कार्ड नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी किसी भी घरेलू कर्मचारी या परिचित के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि घरेलू कर्मचारियों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ रही हैं और बुजुर्ग नागरिक विशेष रूप से निशाने पर हैं।