क्या दिल्ली बीएमडब्ल्यू केस में गगनप्रीत कौर की जमानत पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित है?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में हुए बीएमडब्ल्यू कार एक्सीडेंट मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस केस में आरोपी गगनप्रीत कौर के वकील प्रदीप राणा ने अदालत में दावा किया है कि जो सीसीटीवी फुटेज पेश की गई है, वह एफआईआर में दर्ज बयान के साथ मेल नहीं खाती। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने आरोपी की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा है।
वकील प्रदीप राणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अदालत में जो सीसीटीवी फुटेज पेश की गई है, वह एफआईआर के दावों से बिल्कुल अलग है। एफआईआर में कहा गया है कि वाहन को पीछे से टक्कर मारी गई थी, लेकिन सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि कार पहले फुटपाथ से टकराई थी। उसके बाद फ्लिपओवर हुई, तब बाइक के संपर्क में आई। बाद में बाइक सवार की टक्कर बस से भी हुई। सीसीटीवी के वीडियो एफआईआर से मेल नहीं खाते हैं।"
इस मामले में पहले यह कहा जा रहा था कि बीएमडब्ल्यू कार ने सामने चल रही गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी थी, जिससे यह हादसा हुआ था।
१४ सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के धौलाकुआं इलाके में हुए सड़क हादसे में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल थीं। २० सितंबर को हादसे की मुख्य आरोपी गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर सुनवाई २४ सितंबर तक के लिए टाल दी गई थी।
जानकारी के अनुसार, नवजोत सिंह अपनी पत्नी के साथ बंगला साहिब गुरुद्वारा से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। रास्ते में धौलाकुआं के पिलर नंबर 57 से राजा गार्डन की ओर जाते समय एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी।
उनके बेटे नवनूर सिंह ने बताया था, "मां और पिताजी सुबह बाइक से बंगला साहिब के लिए निकले थे। घर लौटते समय एक बीएमडब्ल्यू कार से उनका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें पिताजी की मौत हो गई। मां की हालत गंभीर है।"