डॉ. तपस्या राघव दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से मुक्त, केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग में उप सचिव नियुक्त
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 4 जून 2025 की दोपहर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव डॉ. तपस्या राघव को दिल्ली सरकार से कार्यमुक्त कर दिया है। अब वह केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग में उप सचिव के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। यह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति प्रारंभिक तौर पर चार वर्षों के लिए या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
डॉ. राघव की भूमिका और जिम्मेदारियाँ
डॉ. तपस्या राघव दिल्ली सरकार में विशेष सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) के पद पर कार्यरत थीं। इसके साथ ही उनके पास तीन अतिरिक्त दायित्व भी थे — प्रोजेक्ट डायरेक्टर (सीएटीएस), स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की राज्य मिशन निदेशक। स्वास्थ्य प्रशासन में उनकी बहुआयामी भूमिका को देखते हुए यह स्थानांतरण उल्लेखनीय माना जा रहा है।
आदेश का आधार
सेवाएं विभाग के उप सचिव जितेंद्र कुमार अरोड़ा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों के तहत लिया गया है। उपराज्यपाल ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को औपचारिक मंजूरी देते हुए डॉ. राघव को नई जिम्मेदारी ग्रहण करने की अनुमति प्रदान की।
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली में अग्नि सुरक्षा अभियान
इस बीच, 3 जून को मालवीय नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में हुई भीषण आग की घटना के बाद दिल्ली प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपराज्यपाल टीएस संधू ने गृह मंत्री आशीष सूद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की, जिसमें राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बहु-विभागीय कार्ययोजना तैयार की गई।
इसके तहत पूरे दिल्ली में एक महीने का विशेष अग्नि सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जाँच की जाएगी।
संयुक्त टीम करेगी ऑडिट, नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस उपायुक्त और नगर निगम अधिकारियों की संयुक्त टीम फायर सेफ्टी ऑडिट करेगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सीलिंग और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान की निगरानी मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त संयुक्त रूप से करेंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में अग्निकांड की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हैं, और इस बार प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का संकेत देते हुए व्यापक जाँच अभियान की घोषणा की है।